टाइम बैंक ऑफ़ इंडिया: सेवा, संवेदना और आत्मविकास की दिशा में युवाओं का नया सफर शुरू
आगरा। ‘धन नहीं, समय दें- यही असली निवेश है।‘ इसी विचार को साकार करते हुए टाइम बैंक ऑफ़ इंडिया ट्रस्ट अब युवाओं को सेवा और संवेदना का प्रशिक्षण देने जा रहा है। बुधवार को संजय प्लेस स्थित फ्लेवर रेस्टोरेंट में देहरादून की यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज़ के छात्रों के लिए एक विशेष इंटर्नशिप प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ जीआआसी के पूर्व प्रधानाचार्य रामनाथ गोविंद के प्रेरक संबोधन से हुआ, जिसमें उन्होंने छात्रों को लक्ष्य के प्रति एकाग्र रहने की सीख दी। इस मौके पर सिटी एडमिन हरिकांत शर्मा ने बताया कि पूरे देश से 45 और आगरा से 3 छात्र, श्रेयांस त्यागी, समीर वर्मा और कृष्णा गुप्ता इस आठ सप्ताह की इंटर्नशिप के माध्यम से समाजसेवा और बुजुर्गों के अनुभवों से सीखते हुए आत्मविकास की ओर बढ़ेंगे।
क्या है इस इंटर्नशिप की खासियत?
संस्था के सदस्य पंकज जैन ने बताया कि यह कार्यक्रम युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के बीच एक सेतु का कार्य करेगा। इंटर्नशिप में छात्र न सिर्फ सेवा कार्य सीखेंगे बल्कि तकनीकी प्रशिक्षण, सामाजिक सहभागिता, मानसिक स्वास्थ्य, डिजिटल साक्षरता, कानून, वित्तीय योजना, योग और आत्मिक मूल्य जैसे विषयों पर भी कार्य करेंगे।
इंटर्नशिप के आठ सप्ताहों में चरणबद्ध रूप से छात्रों को फील्ड विजिट, केस स्टडी, संवाद, रिपोर्टिंग, सोशल मीडिया, सांस्कृतिक गतिविधियां, सीपीआर, अंगदान जागरूकता और श्रीमद्भागवत गीता द्वारा तनाव प्रबंधन जैसे सत्रों में शामिल किया जाएगा।
टाइम बैंक में पैसा नहीं, समय होता है जमा
आर.आर. गुप्ता ने बताया कि टाइम बैंक ऑफ़ इंडिया की स्थापना जयपुर निवासी पीसी जैन ने 2018 में की थी। वर्तमान में यह संस्था 403 शहरों में कार्यरत है। इसका उद्देश्य पिनकोड आधारित समाजिक इकाइयों के माध्यम से जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को समय देकर सहायता करना है। सदस्य जितना समय सेवा में देंगे, उतना ही टटाइमट वे भविष्य में स्वयं उपयोग के लिए बैंक में जमा कर सकेंगे।
कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
हरिकांत शर्मा, पंकज जैन, आर.आर. गुप्ता, राजीव बेदी, यतीश श्रीवास्तव, नवल किशोर, प्रदीप कुलश्रेष्ठ, विजय मित्तल, शैलेन्द्र शिशोदिया, समीर वर्मा, कृष्णा गुप्ता, राकेश नागर सहित कई गणमान्य जन कार्यक्रम में उपस्थित रहे।