आज कार्तिक पूर्णिमा को महापुण्य फलदायी होती है सत्यनारायण कथा

आगरा। आज पवित्र कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा है। सनातन में कार्तिक पूर्णिमा का बहुत महत्व है। हिंदू धर्मावलंबी आज के दिन भगवान सत्य नारायण की कथा करते हैं। आज के दिन गंगा यमुना समेत अन्य पवित्र नदियों में स्नान करने की भी परम्परा है। दूसरी ओर आज ही के दिन सिख समाज अपने पहले गुरु नानकदेव जी का प्रकाश पर्व भी मना रहा है।

Nov 15, 2024 - 10:00
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आज कार्तिक पूर्णिमा को महापुण्य फलदायी होती है सत्यनारायण कथा

ज्योतिषाचार्य एवं वास्तुविद डा. अरविंद मिश्र बताते हैं, इस दिन भगवान सत्यनारायण की कथा करें अथवा कराएं। आपके घर से दरिद्रता, गरीबी, बीमारियां ग्रह क्लेश, कर्ज से मुक्ति आदि समस्या दूर होगी। पूर्णिमा के दिन प्रातः स्नान करने के पश्चात कथा की सामग्री लेकर पूरे श्रद्धा भक्ति भाव के साथ परिवार सहित भगवान  "सत्य नारायण" की कथा करें।

वैसे तो हर पूर्णिमा को भगवान सत्यनारायण की कथा करनी चाहिए, लेकिन यदि आप कार्तिक मास की पूर्णिमा को कथा करते हैं तो आपको 12 पूर्णिमा का पुण्य फल प्राप्त होगा। यदि आपकी कोई विशेष इच्छा  संतान, विवाह, भवन, भूमि, नौकरी, पदोन्नति, वाहन आदि की कोई विशेष इच्छा हो तो आप मन में भाव कर कल की पूर्णिमा से भगवान श्री सत्यनारायण की कथा आरंभ कर अगले वर्ष की कार्तिक पूर्णिमा तक करें। आपकी मनोकामना अवश्य पूरी होगी

प्रसाद में पंजीरी  और पंचामृत का प्रसाद बनाएं। उसका भगवान को भक्ति भावपूर्वक भोग लगाएं। इस भोग प्रसाद को बच्चों एवं परिजनों के साथ ही अधिक से अधिक लोगों को बांटें।

कार्तिक पूर्णिमा की महिमा

इस दिन महादेव ने त्रिपुरासुर नामक राक्षस का संहार किया था, इसलिए इसे त्रिपुरी पूर्णिमा भी कहते हैं। इसी तिथि को संध्या के समय भगवान का मत्स्यावतार हुआ था। इस दिन गंगा स्नान, दीपदान, सत्यनारायण व्रत कथा आदि का विशेष महत्व है। त्रिदेवों ने इसे महापुनीत पर्व कहा है।

इस दिन अगर कृतिका नक्षत्र पर चंद्रमा हो और विशाखा नक्षत्र पर सूर्य हो तो पदम् योग होता है, जिसका बहुत बड़ा महत्व है। जो महिला या पुरुष पूरे कार्तिक स्नान करते हैं, उनका नियम इस दिन पूर्ण हो जाता है। इस दिन चंद्रोदय पर शिवा, संभूति, संतति, प्रीति, अनुसूया और क्षमा कृतिकाओं का पूजन वंदना करने से पुण्य फल मिलता है। रात्रि में व्रतोंपरांत  वृषदान करने से शिवलोक की प्राप्ति होती है।

सिखों के प्रथम गुरु नानकदेव जी का जन्म भी कार्तिक पूर्णिमा को हुआ था। अतः इस दिन गुरुनानक जयंती भी मनाई जाती है।

SP_Singh AURGURU Editor