ट्रेड लाइसेंस शुल्क पर भड़के व्यापारी: आगरा में सर्राफा और व्यापार मंडल ने दिया अल्टीमेटम, दुकानों की चाबियां नगर निगम को सौंपने की चेतावनी

आगरा में प्रस्तावित ट्रेड लाइसेंस शुल्क के खिलाफ सर्राफा व्यापारियों और व्यापार मंडल ने मोर्चा खोलते हुए नगर निगम प्रशासन को सीधी चेतावनी दे दी है कि यदि निर्णय वापस नहीं लिया गया तो व्यापारी सड़कों पर उतरेंगे और दुकानों की चाबियां नगर निगम को सौंप देंगे।

Apr 9, 2026 - 18:38
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ट्रेड लाइसेंस शुल्क पर भड़के व्यापारी: आगरा में सर्राफा और व्यापार मंडल ने दिया अल्टीमेटम, दुकानों की चाबियां नगर निगम को सौंपने की चेतावनी
नगर निगम में उप नगर आयुक्त शिशिर कुमार को ज्ञापन सौंपते आगरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष टीएन अग्रवाल, आगरा सर्राफा एसोसिएशन अध्यक्ष नितेश अग्रवाल, जय पुरसनानी व अन्य व्यापारी।

आगरा। नगर निगम द्वारा प्रस्तावित ट्रेड लाइसेंस वार्षिक शुल्क के विरोध में आगरा सर्राफा एसोसिएशन और आगरा व्यापार मंडल ने कड़ा रुख अपनाते हुए खुला मोर्चा खोल दिया है। व्यापारियों ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि यह शुल्क वापस नहीं लिया गया तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

आगरा व्यापार मंडल और आगरा सर्राफा एसोसिएशन के नेतृत्व में शहर के सर्राफा व्यापारियों ने एकजुट होकर इस प्रस्ताव के खिलाफ जोरदार आपत्ति दर्ज कराई और अन्य व्यापारों से भी यह शुल्क हटाने की मांग उठाई।

आगरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष टीएन अग्रवाल, जय पुरसनानी तथा आगरा सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं नेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स के उपाध्यक्ष नितेश अग्रवाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उप नगर आयुक्त शिशिर कुमार से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान विभिन्न सर्राफा संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

नितेश अग्रवाल ने कहा कि यह प्रस्ताव पूरी तरह अव्यावहारिक और व्यापार विरोधी है। उन्होंने बताया कि सर्राफा व्यापार पहले से ही जीएसटी, कस्टम ड्यूटी, आयकर और हॉलमार्किंग जैसे कई करों के बोझ से दबा हुआ है। ऐसे में टर्नओवर आधारित ट्रेड लाइसेंस शुल्क छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए भारी संकट खड़ा करेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि सोना-चांदी की ऊंची कीमतों के कारण छोटे व्यापारी भी कागजों में बड़े टर्नओवर में दिखते हैं, जबकि वास्तविक मुनाफा सीमित होता है। ऐसे में यह शुल्क व्यवस्था पूरी तरह अव्यावहारिक है। साथ ही उत्तर प्रदेश के अन्य नगर निगमों में इस प्रकार का शुल्क व्यापक रूप से लागू नहीं है, जिससे यह निर्णय भेदभावपूर्ण प्रतीत होता है।

आगरा सर्राफा एसोसिएशन के महामंत्री अशोक अग्रवाल ने कहा कि सर्राफा व्यापार से ठोस कचरा भी नहीं निकलता, जबकि अन्य व्यवसायों पर कम शुल्क लगाया जा रहा है। मेट्रो निर्माण, ट्रैफिक अव्यवस्था और बाजार में मंदी के कारण व्यापार पहले ही प्रभावित है, ऐसे में यह अतिरिक्त शुल्क और बोझ बढ़ाएगा।

आगरा व्यापार मंडल अध्यक्ष टीएन अग्रवाल ने भी इस निर्णय को व्यापारियों के हितों के खिलाफ बताते हुए इसे तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की।

श्री सर्राफा कमेटी के देवेंद्र अग्रवाल ने कहा कि यह शुल्क पूरी तरह अनुचित है और व्यापारियों के लिए असहनीय बोझ बनेगा। वहीं आगरा सर्राफा मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के बृजमोहन रेपुरिया ने कहा कि टर्नओवर आधारित प्रणाली सर्राफा कारोबार की प्रकृति के अनुकूल नहीं है और इससे व्यापार हतोत्साहित होगा।

प्रतिनिधिमंडल की बात सुनने के बाद उप नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने आश्वासन दिया कि इस विषय पर कार्यकारिणी स्तर पर विचार कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।

व्यापारियों ने अंत में चेतावनी दी कि यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

इस दौरान आगरा व्यापार मंडल के राजीव गुप्ता, राकेश अग्रवाल, संदीप गुप्ता, अशोक लालवानी, अशोक अग्रवाल, तथा सर्राफा एसोसिएशन के मयंक जैन, रामू फतेहपुरिया, संजय वर्मा, देवेंद्र गोयल, पवन दोनेरिया, मधुकर कक्कड़, केके त्यागी, आलोक वर्मा, उमेश वर्मा, दिनेश अग्रवाल, अनिल नागवानी, कुलभूषण गुप्ता, राजकुमार अग्रवाल, मनोज गुप्ता, सुनील कुमार वर्मा, मनोज शर्मा, वीरेंद्र गोयल, गणेश चंद्र गोयल सहित अनेक व्यापारी मौजूद रहे।

SP_Singh AURGURU Editor