जीएसटी की एमनेस्टी योजना में जुर्माने और ब्याज से राहत लें व्यापारी
आगरा। जीएसटी अधिकारियों ने आगरा शू फैक्टर्स फैडरेशन में जूता व्यापारियों के साथ बैठक कर सरकार द्वारा शुरू की गई एमनेस्टी योजना की विस्तृत जानकारी दी। इस योजना के तहत वर्ष 2017 से 2020 तक के जीएसटी ब्याज व जुर्माना मामलों में फंसे व्यापारियों को राहत मिलेगी। व्यापारी इस अवधि के कर निर्धारण में जुर्माना और ब्याज माफी पा सकेंगे।
बैठक में फैडरेशन के अध्यक्ष विजय सामा ने व्यापारियों से कहा कि वे अपने बही खाता को व्यवस्थित और स्पष्ट रखें ताकि आने वाली पीढ़ी को इसकी सही जानकारी मिल सके।
डिप्टी कमिश्नर मृत्युन्जय ने बताया कि यह योजना जनकल्याणकारी है और जीएसटी क्रांतिकारी कानून है। उन्होंने कहा कि व्यापारी ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से अपने रिटर्न फाइल कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि एक जनवरी से प्रारंभ हुई यह योजना 31 मार्च तक चलेगी।
बैठक में एडिशनल कमिश्नर जीएसटी ग्रेड-1 मारुति शरण चौबे, एडीशनल कमिश्नर जीएसटी ग्रेड-2 अंजनेय अग्रवाल, डिप्टी कमिश्नर मृत्युन्जय, अरुण श्रीवास्तव, वीके सिंह, असिस्टेंट कमिश्नर मिश्रा जी उपस्थित थे।
बैठक में अधिकारियों द्वारा व्यापारियों को सलाह दी गई कि वे जीएसटी पोर्टल पर अपने सीए और वकील के साथ अपना फोन नंबर भी अंकित करें ताकि विभाग द्वारा दी गई जानकारी उन्हें समय पर मिल सके।
फेडरेशन के सदस्यों ने जीएसटी अधिकरियों के साथ तीन मांगें रखीं। पहली मांग थी कि धारा 73 के तहत परेशान व्यापारियों की समस्या अगर फेडरेशन भेजता है तो विभाग उसका समाधान करेगा। जीएसटी विभाग स्थित व्यापारी कक्ष का नाम स्व. राजकुमार सामा सभागार रखने संबंधी प्रस्ताव विभाग शासन को भेजेगा। तीसरी मांग थी कि व्यापारियों का उत्पीड़न रोका जाए।
इस अवसर पर प्रमोद महाजन, गोवर्धन सोनेजा, भीष्म लालवानी, अजय महाजन, प्रदीप सरीन, घनश्याम रोहरा, राकेश महाजन, भूपेश महाजन, प्रदीप मेहरा, प्रमोद जैन, चांद दीवान, वासु, हितेश, डब्बू, पंकज, प्रदीप सरीन, विश्वमित्र महाजन, विनोद शीतलानी आदि उपस्थित थे।