एक राष्ट्र, एक विधान के संकल्प को श्रद्धांजलि : श्यामा प्रसाद मुखर्जी बलिदान दिवस पर उठी राष्ट्रवाद की हुंकार

आगरा। भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 72वें बलिदान दिवस पर भारतीय जनता पार्टी आगरा महानगर की ओर से एक देश में एक विधान, एक प्रधान और एक निशान के संकल्प को समर्पित संगोष्ठी का आयोजन जेपी सभागार, खंदारी में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने की, वहीं प्रदीप चौहान मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।

Jun 23, 2025 - 18:25
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एक राष्ट्र, एक विधान के संकल्प को श्रद्धांजलि : श्यामा प्रसाद मुखर्जी बलिदान दिवस पर उठी राष्ट्रवाद की हुंकार
विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर स्थित जेपी सभागार में आयोजित श्याम प्रसाद मुखर्जी बलिदान दिवस कार्यक्रम में बोलते भाजपा के महानगर अध्यक्ष राज कुमार गुप्ता।

मोदी सरकार ने पूरा किया डॉ. मुखर्जी का सपना: राजकुमार गुप्ता

सभा का शुभारंभ डॉ. मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि और अतिथियों के सम्मान के साथ हुआ। अपने संबोधन में भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का सपना था एक भारत, अखंड भारत और सुरक्षित भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुच्छेद 370 समाप्त कर उनके संकल्प को सच्ची श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने बताया कि डॉ. मुखर्जी 1927 में बैरिस्टर बने और 33 वर्ष की आयु में कोलकाता विश्वविद्यालय के कुलपति नियुक्त हुए।

कश्मीर के लिए दिया जीवन: प्रदीप चौहान

मुख्य वक्ता प्रदीप चौहान ने कहा, डॉ. मुखर्जी ने भारत की एकता और अखंडता के लिए अपने प्राण तक न्योछावर कर दिए। उन्होंने याद दिलाया कि अगस्त 1952 में जम्मू-कश्मीर की रैली में मुखर्जी ने स्पष्ट घोषणा की थी कि या तो संविधान वापिस दिलाऊंगा या प्राण दूंगा।
1953 में बिना परमिट कश्मीर जाने के कारण उन्हें गिरफ्तार किया गया और 23 जून को जेल में उनकी रहस्यमयी मृत्यु हो गई। उनका दिया नारा एक देश में दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे,  अब देश की सच्चाई बन चुका है।

सदस्यों ने एक स्वर में किया नमन

सभा में मौजूद वरिष्ठ नेता प्रभु दयाल कठेरिया, इंद्रजीत आर्य, शिवशंकर शर्मा, नवल तिवारी, मनोज राजोरा, मनीष गौतम, नीरज गुप्ता, महेश शर्मा, रोहित कत्याल सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के विचारों को आज के भारत की प्रेरणा बताया। वक्ताओं ने कहा कि आज देश की एकता और संविधान की अखंडता उन्हीं के बलिदान का परिणाम है।

महिला मोर्चा की भी सक्रिय सहभागिता

कार्यक्रम में महिला कार्यकर्ताओं की भी विशेष भागीदारी रही। रश्मि धाकड़, उपमा गुप्ता, निशि शर्मा, सीमा सिंघल, रेखा गुप्ता, विजय लक्ष्मी गुप्ता, माधुरी माहौर, अंजू शर्मा सहित कई महिला पदाधिकारी उपस्थित रहीं और डॉ. मुखर्जी के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

संगोष्ठी में इनकी उपस्थिति उल्लेखनीय रही

संगोष्ठी में वीरेंद्र अग्रवाल, विजय भदौरिया, अभिषेक गुप्ता, राहुल सागर, मनमोहन कुशवाह, नवीन गौतम, विपुल मित्तल, शैलू पंडित, हिमांशु ठाकुर, नरेंद्र सिकरवार, राहुल जैन, मनीष अवस्थी, राजेश प्रजापति, देवेश पचौरी, आदेश सिंघल, गजेंद्र वर्मा, सर्वेश बघेल, कौशल चौहान, मनीष अग्रवाल, गोपाल शर्मा सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor