महाकवि सूरदास को संगीत और काव्य संग श्रद्धांजलि, शीरोज हैंगआउट में हुआ आयोजन
आगरा। महाकवि सूरदास की 547वीं जयंती के अवसर पर अमृता विद्या एजुकेशन फॉर इम्मोर्टालिटी सोसाइटी और छांव फाउंडेशन की ओर से शुक्रवार को शीरोज हैंगआउट, फतेहाबाद रोड पर “सबसे ऊंची प्रेम सगाई” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस सांस्कृतिक संध्या में सूरदास की रचनाओं और भक्ति साहित्य को संगीत और काव्य के माध्यम से याद किया गया।
-"सबसे ऊंची प्रेम सगाई" कार्यक्रम में दी गई सूर साहित्य को नई पीढ़ी से जोड़ने की संगीतमयी कोशिश
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस कमिश्नर आगरा दीपक कुमार (IPS) ने कहा कि सूरदास की रचनाएं हिन्दी साहित्य की अमूल्य निधि हैं और यह प्रसन्नता की बात है कि आगरा के लोग अपनी सांस्कृतिक विरासत को याद रखने की परंपरा निभा रहे हैं।
प्रसिद्ध ग़ज़ल गायक सुधीर नारायण ने सूरदास की रचनाओं को भावपूर्ण अंदाज़ में प्रस्तुत करते हुए कहा कि ‘सबसे ऊंची प्रेम सगाई’ भजन आज के दौर में भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने ब्रजभाषा और सूर साहित्य को दुनिया के मंचों तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया और युवाओं को इस दिशा में प्रशिक्षित करने की बात कही।
उनकी प्रस्तुति में ‘सबसे ऊंची प्रेम सगाई’, ‘उधो मन न भाए दस बीस’, ‘मैया मोरी मैं नहिं माखन खायो’, जैसी कालजयी रचनाओं ने कार्यक्रम को भक्तिमय बना दिया। उनके साथ अदिति शर्मा, खुशी सोनी, गति सिंह, दीप्ति यादव, अमन शर्मा सहित कई युवा कलाकारों ने संगीत और वाद्य वादन से माहौल को सुरमयी बना दिया।
सूरदास की विरासत पर विशेष चर्चा
इस अवसर पर सूरदास की कर्मभूमि रुनकता स्थित गऊघाट, सूर कुटी और वहां स्थापित सूर श्याम मंदिर व मूर्ति की भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि ‘चौरासी वैष्णवन की वार्ता’ में वर्णित वल्लभाचार्य से सूरदास की भेंट के बाद उनका जीवन भक्ति रस से और समृद्ध हुआ।
संस्था की घोषणा: हर साल मनेगी सूरदास जयंती
अमृता विद्या संस्था के सचिव अनिल शर्मा ने कहा कि सूरदास आगरा की सांस्कृतिक पहचान हैं। उन्होंने कहा कि सूरदास को श्रद्धांजलि स्वरूप यह कार्यक्रम आगे भी हर वर्ष आयोजित किया जाएगा। ऐसे आयोजन साहित्य और ब्रज की विरासत को जीवित रखने के साथ ही नई पीढ़ी को जोड़ने का प्रयास हैं।
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में डॉ ज्ञान प्रकाश, डॉ मधु भारद्वाज, ब्रिगेडियर विनोद दत्ता, अशोक चौबे, रेणुका डंग, डॉ डीवी शर्मा, अरुण डंग, हर्ष मित्तल, प्रमिला शर्मा, रिनेश मित्तल, ज्योति खंडेलवाल, शिव दयाल शर्मा, रुचिरा माथुर, सैफ हसन, वंशिका शर्मा सहित शहर के अनेक साहित्य प्रेमी, कवि, कलाकार और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन श्री सुशील सरित ने किया जबकि अनिल शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। आयोजन में सहयोग के लिए शीरोज हैंगआउट और कुंदन साबुन का विशेष योगदान रहा। अंत में आभार अमृता विद्या और छांव फाउंडेशन की ओर से आशीष शुक्ला ने व्यक्त किया।