केंद्रीय बजट 2026–27 से बढ़ेगी विकास की रफ्तार: रोज़गार, इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्यात को नई उड़ान मिलेगी- प्रो. एसपी सिंह बघेल
आगरा। केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने केंद्रीय बजट 2026–27 का स्वागत करते हुए इसे देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला, संतुलित और दूरदर्शी बजट बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट अल्पकालिक लोकलुभावन घोषणाओं के बजाय दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती, निवेश, निर्यात और रोज़गार सृजन पर केंद्रित है।
प्रो. एसपी सिंह बघेल ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय बजट 2026–27 का आम आदमी की रोज़मर्रा की महंगाई पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि सस्ता-महंगा तय करने वाले एक्साइज और सर्विस टैक्स अब बजट का हिस्सा नहीं हैं। ये कर अब जीएसटी के अंतर्गत आते हैं, जिसका संचालन अलग व्यवस्था के तहत किया जाता है।
उन्होंने कहा कि यह बजट मुख्य रूप से देश की अर्थव्यवस्था को गति देने वाला है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े पैमाने पर सार्वजनिक निवेश कर विकास को मजबूती दी गई है, वहीं वित्तीय घाटे को 4.3 प्रतिशत तक सीमित रखकर सरकार ने वित्तीय अनुशासन का सशक्त संदेश दिया है।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि कॉरपोरेट टैक्स में आगे की गई कमी से उद्योग जगत का भरोसा बढ़ेगा और निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती मिलेगी और नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने कहा कि रोज़गार सृजन के दृष्टिकोण से बजट में एमएसएमई सेक्टर पर विशेष फोकस किया गया है। प्रो. बघेल ने कहा कि टेक्सटाइल के साथ-साथ लेदर और फुटवियर उद्योग, जो एमएसएमई के अंतर्गत आते हुए देश में रोजगार की रीढ़ माने जाते हैं, के लिए निर्यात को बढ़ावा देने वाले महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार ने आईजीसीआर योजना के अंतर्गत इनपुट्स की सूची का विस्तार किया है, जिसके तहत अब जूते के अपर के निर्यात के लिए बिना ड्यूटी आयात की सुविधा उपलब्ध होगी। यह लेदर और फुटवियर उद्योग की वर्षों पुरानी मांग थी, जिससे भारतीय उत्पादों की लागत प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और वैश्विक बाजार में भारत की स्थिति और मजबूत होगी।
प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कहा कि कुल मिलाकर केंद्रीय बजट 2026–27 देश को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में मजबूत कदम है, जो आने वाले वर्षों में भारत की विकास यात्रा को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।