केंद्रीय बजट 2026- 53.5 लाख करोड़ खर्च का ऐलान, टैक्स-नॉन टैक्स से 60 लाख करोड़ से अधिक जुटाए जाएंगे, 36.5 लाख करोड़ लोन डेफिसिट, बायोफार्मा ‘शक्ति’, इलेक्ट्रॉनिक्स-एमएसएमई और बॉन्ड बाज़ार पर बजट 2026 का बड़ा दांव
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट 2026-27 पेश करते हुए सरकार के खर्च, आय और कर्ज की पूरी तस्वीर सामने रखी। वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार ने टैक्स और गैर-टैक्स माध्यमों से बड़ी आय जुटाई है, जबकि विकास को गति देने के लिए रिकॉर्ड खर्च का ऐलान किया गया है। बजट में बायोफार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, एमएसएमई और वित्तीय बाजारों को मजबूत करने पर विशेष फोकस रखा गया है, वहीं राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने के लिए बाजार से कर्ज लेने की रणनीति साफ तौर पर रखी गई है।
सरकार का खर्च और आय का गणित
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि लोन और जीडीपी के बीच अंतर में कमी आई है, जो अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है। सरकार को 26.7 लाख करोड़ रुपये टैक्स के रूप में प्राप्त हुए। इसके अलावा 34 लाख करोड़ रुपये अन्य स्रोतों से मिले। चालू वित्त वर्ष में कुल खर्च 49.6 लाख करोड़ रुपये रहा। पूंजीगत व्यय 11 लाख करोड़ रुपये रहा।
वित्त मंत्री ने घोषणा की कि 2026-27 में कुल सरकारी खर्च 53.5 लाख करोड़ रुपये रहेगा। लोन डेफिसिट 36.5 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान। राजकोषीय घाटे की पूर्ति के लिए सरकार मार्केट से लोन लेगी।
बायोफार्मा ‘शक्ति’ मिशन को 10,000 करोड़
दवा और जैव-प्रौद्योगिकी क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार ने अगले पांच वर्षों के लिए 10,000 करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ बायोफार्मा मिशन ‘शक्ति’ का प्रस्ताव रखा है। इस मिशन का लक्ष्य अनुसंधान, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत की स्थिति को मजबूत करना है।
इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण पर बड़ा दांव
वित्त वर्ष 2026-27 में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए आवंटन बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार का मानना है कि इससे भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में निर्णायक बढ़त मिलेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
एमएसएमई को राहत, आत्मनिर्भर भारत कोष मजबूत
सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों को गति देने के लिए आत्मनिर्भर भारत कोष में 4,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जोड़ी जाएगी। इससे छोटे उद्योगों को वित्तीय सहायता, विस्तार और रोजगार सृजन में मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कॉरपोरेट और म्युनिसिपल बॉन्ड बाजार पर फोकस
निवेश आकर्षित करने के लिए सरकार ने वित्तीय बाजारों में कई अहम कदमों की घोषणा की है। कॉरपोरेट बॉन्ड पर टोटल रिटर्न स्वैप पेश किए जाएंगे। म्युनिसिपल बॉन्ड बाजार को बढ़ावा देने के लिए 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के बॉन्ड जारी करने वाले बड़े शहरों को 100 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन मिलेगा।
इसके साथ ही, विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए कॉरपोरेट बॉन्ड इंडेक्स पर आधारित फंड और डेरिवेटिव के जरिए मार्केट-मेकिंग फ्रेमवर्क भी लागू किया जाएगा।
निवेश और विकास का स्पष्ट रोडमैप
बजट 2026 में भारी सरकारी खर्च, उद्योग समर्थन और वित्तीय सुधारों के जरिए सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उसका फोकस निवेश बढ़ाने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और तेज़ आर्थिक विकास पर है, भले ही इसके लिए बाजार से कर्ज क्यों न लेना पड़े।