आगरा में बैंकों की सुस्ती पर नाराज केंद्रीय मंत्री और सांसद, समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश
कलेक्ट्रेट सभागार आगरा में केंद्रीय मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल और सांसद राजकुमार चाहर की अध्यक्षता में हुई जिला परामर्शदात्री समिति एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति (डीसीसी-डीएलआरसी) की बैठक में जून 2025 की त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट पर चर्चा करते हुए ऋण-जमा अनुपात, स्वरोजगार योजनाएँ, शिक्षा ऋण, उद्योग प्रोत्साहन, किसान क्रेडिट कार्ड और बीमा योजनाओं की समीक्षा की गई।
कई बैंकों के लक्ष्य से पीछे रहने पर केंद्रीय मंत्री व सांसद ने कड़ी नाराजगी जताई और स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी बैठक तक सभी बैंक आरबीआई मानक के अनुरूप लक्ष्य हासिल करें और योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुँचाएँ।
बैठक की शुरुआत और ऋण-जमा अनुपात की समीक्षा
बैठक की शुरुआत पिछली बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि से हुई। बताया गया कि जून 2025 में जनपद का ऋण-जमा अनुपात (सीडी रेशियो) 69.43 प्रतिशत रहा, जो आरबीआई मानक 60 प्रतिशत से अधिक है। लेकिन इंडियन ओवरसीज बैंक, यूनियन बैंक, एसबीआई, यूको बैंक, सेंट्रल बैंक और फेडरल बैंक लक्ष्य से काफी पीछे रहे। इस पर मंत्री प्रो. बघेल और सांसद चाहर ने कार्यप्रणाली में बदलाव कर लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए।
वित्तीय समावेशन और जनधन खाता
जनपद में अब तक 19.95 लाख जनधन खाते खोले जा चुके हैं, जिनमें से 16.77 लाख आधार से जुड़े हैं। केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी खातों को बीमा व पेंशन योजनाओं से जोड़ा जाए और अधिक से अधिक लोगों को पीएम जीवन ज्योति बीमा व पीएम सुरक्षा बीमा योजना का लाभ मिले।
स्वरोजगार और प्रशिक्षण योजनाएं
बैठक में आरसेटी और रुडसेट जैसे प्रशिक्षण केंद्रों की प्रगति की समीक्षा की गई। लक्ष्य 1000 के मुकाबले केवल 77 प्रस्ताव भेजे गए, जिनमें 65 स्वीकृत और 12 लंबित पाए गए। माननीयों ने नाराजगी जताई और लंबित आवेदनों का तत्काल निस्तारण करने के निर्देश दिए।
शिक्षा ऋण और उद्योग प्रोत्साहन योजनाएं
बैठक में बताया गया कि जून तिमाही तक 166 शिक्षा ऋण स्वीकृत और 465 ऋण वितरित किए गए। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और ओडीओपी वित्तीय सहायता योजना में अपेक्षित प्रगति न होने पर सांसद और केंद्रीय मंत्री ने बैंकों को फटकार लगाई। नगर निगम और ग्राम पंचायत स्तर पर जनजागरूकता शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
माटीकला रोजगार योजना
समीक्षा में पाया गया कि लक्ष्य 04 के मुकाबले 03 प्रस्ताव ही भेजे गए, जिनमें से 01 स्वीकृत और 02 लंबित हैं। मिट्टी के कार्य करने वाले कारीगरों की कला और रोजगार को बचाने के लिए सुगम ऋण उपलब्ध कराने के आदेश दिए गये।
मुद्रा योजना और एनआरएलएम
यह भी बताया गया कि मुद्रा योजना के तहत 54,557 ऋण स्वीकृत किए गए। एनआरएलएम में 5,750 लक्ष्य के मुकाबले 4,327 प्रस्ताव भेजे गए, जिनमें से 3,676 स्वीकृत और 627 लंबित पाए गए। बिना कारण बताए आवेदनों को रिजेक्ट न करने और लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।
किसान क्रेडिट कार्ड और फसल बीमा
खरीफ 2025 में 12,694 किसानों ने फसली बीमा कराया। बैठक में निर्देश दिए गए कि किसानों को जागरूक कर अधिक से अधिक लोगों को फसल बीमा योजना से जोड़ा जाए।
बैठक के अंत में केंद्रीय मंत्री प्रो. बघेल ने स्पष्ट कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं की सफलता बैंकों पर निर्भर है। सभी बैंक पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध ऋण उपलब्ध कराएं, ताकि योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचे।
बैठक में जिलाधिकारी अरविन्द मल्लप्पा बंगारी, मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती प्रतिभा सिंह, अग्रणी जिला प्रबंधक ऋषिकेश बनर्जी, लीड बैंक अधिकारी अंकित सहगल तथा जिला विकास प्रबंधक,नाबार्ड विशाल आनंद एवं आरबीआई, व समस्त बैंकों के प्रतिनिधि व संबंधित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।