यूपी बोर्ड का सख्त फरमान: ‘एक पाठ्यपुस्तक नीति’ लागू, अनधिकृत किताबों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सत्र 2026-27 के लिए बड़ा और सख्त निर्णय लेते हुए प्रदेश के सभी स्कूलों में केवल अधिकृत पुस्तकों से ही पढ़ाई सुनिश्चित करने का आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत अनधिकृत किताबों के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Apr 6, 2026 - 18:56
 0
यूपी बोर्ड का सख्त फरमान: ‘एक पाठ्यपुस्तक नीति’ लागू, अनधिकृत किताबों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश

इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम के तहत जारी इस निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि राजकीय, सहायता प्राप्त और निजी, तीनों प्रकार के विद्यालयों को इस नीति का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। बोर्ड ने जिला और मंडल स्तर के अधिकारियों को सख्त निगरानी के निर्देश दिए हैं, ताकि आदेश का पूरी तरह अनुपालन सुनिश्चित हो सके।

नई व्यवस्था के अनुसार कक्षा 9 और 10 के विद्यार्थियों के लिए अंग्रेजी, गणित और विज्ञान विषयों की अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कर दी गई हैं। वहीं कक्षा 11 और 12 के लिए कुल 36 विषयों की निर्धारित पुस्तकें लागू की गई हैं। इसके साथ ही राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की 70 पुस्तकों को पूरे प्रदेश में प्रचलन में लाया गया है।

भाषाई विषयों को भी विशेष महत्व देते हुए हिंदी, संस्कृत और उर्दू की 12 चयनित पुस्तकों को इस सूची में शामिल किया गया है। बोर्ड का उद्देश्य एकरूपता लाना और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण व मानकीकृत शिक्षा उपलब्ध कराना है।

छात्रों और अभिभावकों को इस नई व्यवस्था के प्रति जागरूक करने के लिए सभी स्कूलों में पुस्तक जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि निर्धारित पुस्तकें छात्रों को सस्ती दरों पर उपलब्ध हों, ताकि आर्थिक बोझ न बढ़े।

पुस्तकों के मुद्रण और वितरण के लिए तीन अधिकृत एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की अनधिकृत पुस्तक के प्रयोग या बिक्री की स्थिति में संबंधित संस्थान और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

यह फैसला प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और गुणवत्ता लाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे पाठ्यक्रम में एकरूपता आएगी और छात्रों को सही दिशा में मार्गदर्शन मिलेगा।

SP_Singh AURGURU Editor