500 एमएसएमई को ग्लोबल बनाएगा उप्र निर्यात वृद्धि अभियान: हस्तशिल्प और होम डेकोर यूनिट्स को मिलेगा नया एक्सपोर्ट विंग

मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को मुरादाबाद से ‘उप्र निर्यात वृद्धि अभियान’ का ऐतिहासिक शुभारंभ किया। यह अभियान 500 एमएसएमई इकाइयों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में राज्य का अब तक का सबसे संगठित और रणनीतिक प्रयास है।

May 30, 2025 - 18:04
May 30, 2025 - 18:05
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500 एमएसएमई को ग्लोबल बनाएगा उप्र निर्यात वृद्धि अभियान: हस्तशिल्प और होम डेकोर यूनिट्स को मिलेगा नया एक्सपोर्ट विंग
होटल होलीडे रिजेंसी, मुरादाबाद में 'उप्र निर्यात वृद्धि अभियान' का दीप प्रज्वलन करते एमएसएमई विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार। साथ में सुषमा मोरथानिया, राजकमल यादव, योगेश कुमार और विनोद कुमार।  

प्रमुख सचिव (एमएसएमई) आलोक कुमार ने होटल होलीडे रिजेंसी में आयोजित समारोह में कहा, मेरे 30 वर्षों के प्रशासनिक अनुभव में पहली बार एमएसएमई क्षेत्र को इतना गहन और सतत फोकस मिला है। यह सरकार की आर्थिक दृष्टि में आमूलचूल बदलाव का संकेत है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि कोई देश वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सफल है, तो उसके पीछे दो ही ताकतें होती हैं, मजबूत निर्यात और सशक्त एमएसएमई। अब यूपी भी उसी दिशा में अग्रसर है।

यह कार्यक्रम उप्र लघु उद्योग निगम और इंडिया एसएमई फोरम के सहयोग से, केंद्र सरकार की रैंप योजना के अंतर्गत शुरू किया गया। इसका मकसद है राज्य की हस्तशिल्प, हैंडलूम, होम डेकोर और संबंधित सेक्टर्स की इकाइयों को निर्यात के लिए व्यावसायिक रूप से तैयार करना।

 ये सब कुछ मिलेगा इस अभियान में?

-उत्पाद और पैकेजिंग में सुधार।

ब्रांडिंग और डिज़ाइन में मार्गदर्शन।

अंतरराष्ट्रीय बाजार और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म तक सीधी पहुंच।

सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ उठाने का प्रशिक्षण।

निर्यात प्रक्रिया की जमीनी समझ और व्यक्तिगत मेंटरशिप।

यूपीएसआईसी के एमडी राजकमल यादव ने बताया कि यह सिर्फ प्रशिक्षण नहीं, बल्कि एक सस्टेनेबल इकोसिस्टम बनाने की कोशिश है, जिससे उद्यमी डिज़ाइन, साझेदारी, और सरकारी सहायता को सहजता से प्राप्त कर सकें।
उन्होंने यह भी साझा किया कि msme1connect.up.gov.in देश का पहला समर्पित एमएसएमई पोर्टल है, जो प्रोत्साहन कैलकुलेटर, सेक्टोरल DPRs, विशेषज्ञ मार्गदर्शन, और हेल्पलाइन (155343) जैसी सुविधाएं एक क्लिक पर उपलब्ध कराता है।

45% निर्यात में एमएसएमई की हिस्सेदारी

इंडिया एसएमई फोरम के अध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश के कुल निर्यात में लगभग 45 प्रतिशत योगदान एमएसएमई क्षेत्र से आता है। अब डायरेक्ट-टू-कंज़्यूमर और ई-कॉमर्स के ज़रिए ये इकाइयाँ सीधे वैश्विक उपभोक्ताओं तक पहुंच बना सकती हैं।

कार्यक्रम में डीजीएफटी, एक्सिम बैंक, ईपीसीएच और इंडिया पोस्ट जैसे संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और पैनल चर्चाओं के ज़रिए लघु उद्यमियों को आवश्यक एक्सपोर्ट नॉलेज प्रदान किया।
सफल उद्यमियों जैसे संचित गुप्ता, अमित अग्रवाल, संध्या शर्मा आदि ने नवाचार और निर्यात अनुभव साझा कर नए उद्यमियों को प्रेरित किया।

SP_Singh AURGURU Editor