बरेली में सस्पेंडेड सिटी मजिस्ट्रेट को लेकर बवाल: अलंकार अग्निहोत्री की रवानगी के वक्त गाड़ी के आगे लेटे समर्थक, पुलिस से धक्का-मुक्की, प्रशासन ने किया सख्त नियंत्रण

-रमेश कुमार सिंह- बरेली। सरकारी सेवाओं से इस्तीफा देने की घोषणा कर चर्चाओं में आए बरेली के निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को लेकर बुधवार को बरेली में हालात उस वक्त तनावपूर्ण हो गए, जब उन्हें पुलिस सुरक्षा में शहर से बाहर रवाना किया गया। उनके आवास से निकलते ही समर्थकों ने वाहन के सामने लेटकर रास्ता रोक दिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी कार्रवाई कानून के तहत की गई है और किसी प्रकार का हाउस अरेस्ट नहीं है।

Jan 28, 2026 - 20:11
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बरेली में सस्पेंडेड सिटी मजिस्ट्रेट को लेकर बवाल: अलंकार अग्निहोत्री की रवानगी के वक्त गाड़ी के आगे लेटे समर्थक, पुलिस से धक्का-मुक्की, प्रशासन ने किया सख्त नियंत्रण
निलंबित अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री की बुधवार को बरेली से रवानगी के वक्त कार को घेरकर प्रशासन के प्रति विरोध दर्ज कराते अधिकारी के समर्थक।

अलंकार अग्निहोत्री की गाड़ी के आगे खड़े लोग। 

बरेली में निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री की रवानगी के दौरान बुधवार को बड़ा हंगामा देखने को मिला। पुलिस सुरक्षा में जैसे ही उनका वाहन आवास से बाहर निकला, समर्थकों ने गाड़ी के आगे लेटकर विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और पुलिस व समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद धक्का-मुक्की भी हुई।

स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने तत्काल अतिरिक्त बल बुलाया। काफी मशक्कत के बाद रास्ता साफ कराया गया और अलंकार अग्निहोत्री को बरेली से बाहर भेजा गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने बताया कि श्री अग्निहोत्री अपने परिचित लोगों के साथ किसी रिश्तेदार के यहां जा रहे हैं और उन्हें पूरी सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है।

इधर, निलंबित नगर मजिस्ट्रेट के एडीएम कंपाउंड स्थित आवास के बाहर सुबह से ही पुलिस का कड़ा पहरा रहा। जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने अपर उप जिलाधिकारी सदर राम जनम यादव को प्रभारी नगर मजिस्ट्रेट नामित किया है।

एडीएम सिटी सौरभ दुबे ने साफ शब्दों में कहा कि अलंकार अग्निहोत्री को हाउस अरेस्ट नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रशासन लगातार उनसे सकारात्मक माहौल में संवाद करने की कोशिश कर रहा है। फोन सर्विलांस और जान के खतरे के आरोपों को उन्होंने निराधार बताया और कहा कि यह मामला अनुशासनहीनता और विभागीय नियमों के उल्लंघन से जुड़ा है।

भविष्य की कार्रवाई, गिरफ्तारी या मुकदमे को लेकर एडीएम सिटी ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया, लेकिन स्पष्ट किया कि अलंकार अग्निहोत्री अभी भी सरकारी सेवा में हैं और उन पर वही नियम लागू होते हैं जो अन्य अधिकारियों पर लागू होते हैं।

एडीएम सिटी ने यह भी बताया कि उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और उन्हें जनपद मुख्यालय कलेक्ट्रेट शामली से संबद्ध कर दिया गया है। एक सरकारी सेवक होने के नाते उन्हें शासन की नियमावली के अनुसार ही आचरण करना होगा। उल्लेखनीय है कि अलंकार अग्निहोत्री ने 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस के दिन इस्तीफा दिया था।

पूरे घटनाक्रम के दौरान समर्थक प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे और कार्रवाई को एकतरफा बताते रहे, जबकि प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने को प्राथमिकता बताया।

SP_Singh AURGURU Editor