नगर निगम कार्यकारिणी बैठक में हंगामा: अधिकारियों की लापरवाही पर मेयर और पार्षदों ने किया वॉकआउट, कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाएगा

नगर निगम आगरा की कार्यकारिणी बैठक शुक्रवार को उस समय विवादों में घिर गई, जब पार्षदों ने बैठक की सूचना देर से मिलने पर अधिकारियों पर खुलकर हमला बोला। महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने भी पार्षदों की नाराज़गी को सही ठहराया और अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा शासन में शिकायत भेजने का स्पष्ट एलान करते हुए पार्षदों के साथ बैठक छोड़ दी।

Nov 21, 2025 - 19:05
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नगर निगम कार्यकारिणी बैठक में हंगामा: अधिकारियों की लापरवाही पर मेयर और पार्षदों ने किया वॉकआउट, कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाएगा

आगरा। नगर निगम आगरा में शुक्रवार को आयोजित कार्यकारिणी समिति की बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। जैसे ही बैठक शुरू हुई, कई पार्षदों ने निगम अधिकारियों पर आरोप लगाया कि कार्यकारिणी बैठक की सूचना उन्हें सिर्फ एक दिन पहले, 20 नवंबर की शाम को दी गई, जबकि नियम के अनुसार कम से कम दो दिन पहले सूचना देना अनिवार्य है।

पार्षदों का कहना था कि इतनी कम समयावधि में न तो वे विकास कार्यों से जुड़े मुद्दे तैयार कर पाए और न ही किसी तर्कपूर्ण चर्चा की स्थिति बन सकी।

महापौर ने भी जताई नाराज़गी, वॉकआउट किया

महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने पार्षदों की बात सुनी और स्पष्ट कहा कि यह देरी अधिकारियों की जनहित कार्यों के प्रति गंभीर उदासीनता दर्शाती है। उन्होंने बताया कि उन्होंने 14 नवंबर को ही नगरायुक्त, महाप्रबंधक जलकल और प्रभारी सचिवालय को 21 नवंबर 2025 को बैठक कराने के लिए पत्र भेजकर निर्देशित किया था। इसके बावजूद अधिकारियों ने सूचना देर से दी, जिससे कार्यकारिणी की कार्यप्रणाली बाधित हुई।

महापौर ने कड़े शब्दों में कहा कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। ऐसे अधिकारियों की शिकायत शासन में भेजी जाएगी।

इसके बाद महापौर ने पार्षदों के साथ बैठक कक्ष से वॉकआउट कर दिया, जिससे बैठक बिना परिणाम के समाप्त हो गई।

बता दें कि कार्यकारिणी समिति की बैठक की सूचना कम से कम दो दिन पहले पार्षदों और सभी सदस्यों को देना आवश्यक है ताकि सभी सदस्य अपने सुझाव–सवालों को लिखित रूप में तैयार कर सकें और विकास कार्यों पर तर्कपूर्ण, मानक-आधारित चर्चा हो सके।

पार्षदों का आरोप था कि अधिकारी बैठक को लेकर लगातार गैर–गंभीर बने हुए हैं। समय पर बैठक की सूचना न मिलने से उन्हें विकास कार्यों की फाइलें व मुद्दे तैयार करने का समय नहीं मिला। यह रवैया जनहित को नुकसान पहुंचाने वाला है।

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SP_Singh AURGURU Editor