अमेरिका-ईरान टकराव और भड़का: 140 सैन्य ठिकानों पर अमेरिकी हमला, ईरान का कई देशों में जवाबी एक्शन; होर्मुज संकट से दुनिया चिंतित

वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव एक बार फिर तेज हो गया है। अमेरिकी सेना ने शनिवार देर रात ईरान के लगभग 140 सैन्य ठिकानों पर व्यापक हवाई हमला किया। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में साइप्रस के झंडे वाले एक कंटेनर जहाज पर हुए हमले के जवाब में की गई। इस हमले में जहाज में आग लग गई, उसके इंजन को गंभीर क्षति पहुंची और चालक दल का एक सदस्य लापता बताया गया है।

Jul 12, 2026 - 12:54
Jul 12, 2026 - 12:54
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अमेरिका-ईरान टकराव और भड़का: 140 सैन्य ठिकानों पर अमेरिकी हमला, ईरान का कई देशों में जवाबी एक्शन; होर्मुज संकट से दुनिया चिंतित
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अमेरिकी सेना का कहना है कि हाल के दिनों में ईरान के खिलाफ चलाए गए अभियानों में यह सबसे बड़े हमलों में से एक है। एयरस्ट्राइक के दौरान मिसाइल लॉन्चिंग साइट, ड्रोन अड्डे, नौसैनिक ठिकाने, हथियार भंडार, संचार केंद्र और तटीय निगरानी प्रणालियों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी पक्ष का दावा है कि पिछले तीन दिनों के भीतर 300 से अधिक सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की जा चुकी है।

ईरान ने किया जवाबी हमला

अमेरिकी कार्रवाई के कुछ समय बाद ही ईरान ने पलटवार का दावा किया। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार कुवैत, बहरीन, कतर और अन्य खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों की ओर ड्रोन और मिसाइलें दागी गईं। ईरान का दावा है कि इन हमलों का लक्ष्य अमेरिकी रडार स्टेशन, संचार प्रणाली और रक्षा सुविधाएं थीं। हालांकि अमेरिका, कुवैत, बहरीन और कतर की ओर से इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

जॉर्डन भी बना निशाना

ईरान ने जॉर्डन के प्रिंस हसन एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला करने का दावा किया है। दूसरी ओर जॉर्डन ने पुष्टि की है कि उसके क्षेत्र में तीन बैलिस्टिक मिसाइलें गिरीं, लेकिन किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। अधिकारियों के अनुसार कुछ स्थानों पर मामूली संपत्ति का नुकसान हुआ है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर मंडराया संकट

बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की चेतावनी दी है। यह समुद्री मार्ग दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक स्तर पर लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल और बड़ी मात्रा में तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति इसी रास्ते से होती है। ऐसे में यहां किसी भी प्रकार की बाधा से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार, ऊर्जा कीमतों और समुद्री व्यापार पर व्यापक असर पड़ सकता है।

नए सुप्रीम लीडर का सख्त संदेश

अली खामेनेई के निधन के बाद पहली बार ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई का सार्वजनिक बयान सामने आया। उन्होंने कहा कि उनके पिता और युद्ध में मारे गए लोगों के खून का बदला लिया जाएगा। उनके इस बयान को अमेरिका के खिलाफ कड़े रुख के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

परमाणु ठिकानों को लेकर बढ़ी हलचल

अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ईरान पारचिन सहित कुछ परमाणु प्रतिष्ठानों की मरम्मत और पुनर्निर्माण में लगा हुआ है। वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका पर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसी भी समझौते की सफलता दोनों पक्षों द्वारा उसके पालन पर निर्भर करती है।

ट्रम्प की चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि यदि उनके खिलाफ किसी भी तरह की हत्या की कोशिश की गई तो अमेरिका अभूतपूर्व सैन्य कार्रवाई करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि संभावित जवाबी कार्रवाई की तैयारियां पहले से पूरी कर ली गई हैं।

मध्य पूर्व में तेजी से बिगड़ते हालात ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री व्यापार, तेल बाजार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ने की आशंका लगातार गहराती जा रही है।

SP_Singh AURGURU Editor