पार्टी के लिए दिमाग तो अच्छा चलाया पर पकड़े गए, खाकी को दागदार करने वाले चार सस्पेंड, केस भी दर्ज

मेरठ। यहां के चार पुलिसकर्मियों का ऐसा कारनामा सामने आया है कि खुद पुलिस अधिकारी भी दंग रह गए हैं। दरअसल ये चारों पुलिसकर्मी फर्जी आईडी का इस्तेमाल कर समय-समय पर यूपी 112 पर सूचनाएं दिया करते थे। इस बार भी इन्होंने ऐसा ही किया। संदेह होने पर जांच कराई गई तो पुलिसकर्मियों की असलियत सामने आ गई। चारों को सस्पेंड करने के साथ ही उनके खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा भी दर्ज करा दिया गया है। 

Nov 4, 2024 - 21:18
Nov 4, 2024 - 22:45
 0
पार्टी के लिए दिमाग तो अच्छा चलाया पर पकड़े गए, खाकी को दागदार करने वाले चार सस्पेंड, केस भी दर्ज

इस बार इन पुलिसकर्मियों ने एक पार्टी अटैंड करने के लिए इसी फर्जी सिम का इस्तेमाल किया। चूंकि ये ड्यूटी पर थे, इसलिए पार्टी में जा नहीं सकते थे। दिमाग में एक आईडिया आया और फर्जी सिम से यूपी 112 पर काल कर सूचना दे दी कि सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में अवैध शराब बेची जा रही है। यूपी 112 से इन्हीं चारों पुलिसकर्मियों की गाड़ी नजदीक होने के कारण मौके पर जाने के लिए निर्देशित किया गया। 

पुलिसकर्मियों ने मौके पर जाना दिखाकर यूपी 112 को रिपोर्ट दी कि सूचना गलत पाई गई है। यहां कहीं पर अवैध शराब बिकती नहीं मिली है। इसके बाद यूपी 112 से फीडबैक के लिए उसी नंबर पर काल किया गया तो वह बंद मिला। इससे यूपी 112 देखने वाले अधिकारियों का माथा ठनका क्योंकि इससे पहले भी इसी सिम से इस तरह की सूचनाएं देकर फोन बंद कर लिया जाता था। 

यूपी 112 ने इस सिम की जांच कराई तो असलियत सामने आ गई। इसके बाद मेरठ के एसएसपी डा. विपिन टाडा को बताया गया। उन्होंने अपने स्तर से जांच कराई तो पता चला कि हेड कांस्टेबल यशपाल सिंह, प्रमोद कुमार, जितेंद्र कुमार, गाड़ी चालक राजन और होमगार्ड सुनील कुमार इसमें शामिल हैं। एसएसपी ने अब इन चारों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने के साथ ही चारों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा भी दर्ज करा दिया है। ये चारों परीक्षित किला थाने के हैं। 

जांच में यह भी सामने आया है कि ये चारों फर्जी आईडी से ली गई सिम से सूचनाएं देकर उगाही भी करते थे। मेरठ के एसएसपी ने कहा कि इनके द्वारा फर्जी सिम से यूपी 112 पर किए गए अब तक की सभी काल की जांच कराकर कठोर कार्रवाई की जाएगी। 

SP_Singh AURGURU Editor