आगरा में टीकाकरण के आंकड़ों से बेनकाब हुआ ‘आशा कमीशन’ नेटवर्क
आगरा। आगरा में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य योजनाओं पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। टीकाकरण और प्रसव से जुड़े आंकड़ों की समीक्षा में आशा कार्यकर्ताओं के जरिए चल रहे कमीशन के खेल का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि कई आशा कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पतालों के बजाय निजी अस्पतालों और झोलाछाप केंद्रों तक पहुंचा रही थीं, जिसके बदले उन्हें मोटा कमीशन दिया जा रहा था।
निजी अस्पतालों में प्रसव भेजने का खेल उजागर
आगरा। आगरा में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य योजनाओं पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। टीकाकरण और प्रसव से जुड़े आंकड़ों की समीक्षा में आशा कार्यकर्ताओं के जरिए चल रहे कमीशन के खेल का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि कई आशा कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पतालों के बजाय निजी अस्पतालों और झोलाछाप केंद्रों तक पहुंचा रही थीं, जिसके बदले उन्हें मोटा कमीशन दिया जा रहा था।
सूत्रों के मुताबिक सामान्य प्रसव पर करीब एक हजार रुपये और सिजेरियन डिलीवरी पर पांच हजार रुपये तक का कमीशन तय था। यह रकम सीधे निजी अस्पताल या अवैध नर्सिंग होम संचालकों की ओर से दी जाती थी। इस पूरे खेल का पर्दाफाश तब हुआ, जब टीकाकरण और सरकारी संस्थानों में कराए गए प्रसव के आंकड़ों में भारी अंतर पाया गया।
आंकड़ों के अनुसार बीते छह महीनों में एक आशा के खाते में औसतन 10 टीकाकरण दर्ज थे, लेकिन उसी अवधि में सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर उनके क्षेत्र से महज 1 से 2 प्रसव ही दर्ज मिले। यह अंतर इतना बड़ा था कि स्वास्थ्य विभाग ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए जांच शुरू कर दी।
जांच के बाद ऐसे 199 आशा कार्यकर्ताओं की पहचान की गई है, जिनकी गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। सभी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभाग ने साफ कर दिया है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो संबंधित आशाओं की सेवा समाप्त कर दी जाएगी।
इस मामले में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। जानकारी के अनुसार अगस्त 2025 से कई आशा कार्यकर्ताओं को समय पर भुगतान नहीं हुआ है। माना जा रहा है कि भुगतान में देरी और आर्थिक दबाव के चलते कुछ आशाएं निजी अस्पतालों के झांसे में आ गईं और कमीशन के लालच में सरकारी व्यवस्था से भटक गईं।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जननी सुरक्षा योजना और सरकारी प्रसव सेवाओं की विश्वसनीयता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पूरे प्रकरण की गहन जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है।