कारवां ए नजीर में विविध प्रस्तुतियां: आम आदमी के शायर के नाम पर हो ताज मेट्रो स्टेशन
आगरा की सांस्कृतिक धरोहर और साझा परंपरा को जीवंत करने वाले ‘कारवां ए नजीर’ कार्यक्रम का आयोजन शुक्रवार को फतेहाबाद रोड स्थित ‘शीरोज़ हैंग आउट’ कैफे में हुआ। आयोजन में साहित्य, संगीत और नुक्कड़ प्रस्तुतियों के माध्यम से जनकवि नजीर अकबराबादी की रचनाओं को जीवंत किया गया। इस अवसर पर नागरिकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अनुरोध किया कि यूपी मेट्रो के ‘ताज मेट्रो स्टेशन’ का नाम नजीर अकबराबादी के नाम पर रखा जाए। साथ ही प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर नजीर की रचनाओं और भजनों को प्रदर्शित करने की मांग रखी गई ताकि आगंतुक और युवा पीढ़ी आगरा की सांस्कृतिक जड़ों से परिचित हो सकें।
‘कारवां ए नजीर’ का आयोजन अमृता विद्या एजुकेशन फॉर अमृता फाउंडेशन द्वारा किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नजीर अकबराबादी की लोकधर्मी और जनसरोकार वाली रचनाओं को समाज में पुनः प्रतिष्ठित करना रहा।
इप्टा ने किया दस रचनाओं का प्रस्तुतिकरण
भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) की टीम ने दिलीप रघुवंशी के निर्देशन में नजीर की दस प्रमुख रचनाओं का प्रस्तुतीकरण किया। इनमें ‘आदमीनामा’, ‘कन्हैया का बालपन’, ‘रीछ का बच्चा’, ‘कोरा बर्तन’, ‘ककड़ी’ और ‘बुढ़ापा’ जैसी रचनाओं ने श्रोताओं को गहरे तक प्रभावित किया। परमानंद शर्मा ने दोहे और लावणी शैली में नजीर के गीत प्रस्तुत किए, जबकि भगवान स्वरूप और असलम खान ने हठयोग और ख्याल परंपरा में रचनाएं सुनाईं।
जय कुमार ने भवाभिनय के माध्यम से ‘ककड़ी’ और ‘बुढ़ापा’ को मंचित किया। कार्यक्रम का समापन दिलीप रघुवंशी के होली गीतों के गायन से हुआ, जिसमें ढोलक पर राजू ने संगत की।
इस अवसर पर अमृत विद्या के सचिव अनिल शर्मा ने कहा कि यह आयोजन लोगों को जोड़ने का एक प्रयास है, और इसके माध्यम से बृज संस्कृति व नजीर की लोकधर्मिता को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा रहा है।
नजीर स्मृति और सांस्कृतिक विरासत
नजीर अकबराबादी ताजगंज क्षेत्र की मलको गली में रहते थे और यहीं उनके सुपुर्द-ए-खाक होने के बाद उनकी स्मृति में कई आयोजन होते रहे। स्व. हनुमंत सिंह रघुवंशी और बाद में प्रो. जितेंद्र रघुवंशी ने ‘नजीर बसंत मेला’ की परंपरा को वर्षों तक जीवित रखा। नगर निगम द्वारा भी इस आयोजन में व्यवस्थाएं की जाती थीं।
मुख्यमंत्री को अनुरोध पत्र
कार्यक्रम के अंत में नागरिकों ने एक अनुरोध पत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रेषित किया। इसमें कहा गया कि ताज मेट्रो स्टेशन का नाम नजीर के नाम पर रखकर आगरा की गंगा-जमुनी तहजीब और सांस्कृतिक अस्मिता को सम्मान दिया जाए।