राज चौहान की हत्या से तीन दिन पहले हुई मारपीट का वीडियो आया सामने, पूरी प्लानिंग से किया मर्डर, आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से दूर
आगरा। ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र में जलेसर रोड स्थित एसएन गेस्ट हाउस में हुए राज चौहान हत्याकांड की परतें अब तेजी से खुल रही हैं। हत्या से तीन दिन पहले का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें कमरे और गैलरी में हुई जमकर मारपीट हो रही है। 20 जनवरी के इस वीडियो के सामने आने के बाद यह साफ हो गया है कि राज चौहान की हत्या अचानक नहीं, बल्कि पूरी सुनियोजित साजिश के तहत की गई थी। हमलावर पहले से तय इरादे के साथ गेस्ट हाउस पहुंचे थे और राज चौहान को जिंदा छोड़ने के मूड में बिल्कुल नहीं थे।
शराब पार्टी के बीच शुरू हुई मारपीट, फिर चलीं गोलियां
बताया जा रहा है कि बीते शुक्रवार की रात आगरा थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र के टेड़ी बगिया इलाके में स्थित एसएन गेस्ट हाउस की चौथी मंजिल पर कमरा नंबर-5 में शराब पार्टी चल रही थी। राज चौहान अपने दोस्तों, फौजी वरुण, कन्हैया समेत चार अन्य साथियों के साथ वहां मौजूद था। इसी दौरान दूसरे गुट के करीब 10 युवक गेस्ट हाउस पहुंचे और सीधे कमरे में घुसकर मारपीट शुरू कर दी।
गैलरी में भागा राज, वहीं बरसाई गई गोलियां
मारपीट के दौरान राज चौहान ने खुद को बचाने के लिए गैलरी में भागने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने उसे घेर लिया और दनादन गोलियां बरसा दीं। मौके से पुलिस को पांच खोखे बरामद हुए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में राज चौहान के शरीर में सात गोलियों के घाव पाए गए, जिससे साफ है कि हमलावर हत्या के इरादे से ही आए थे।
दोस्तों की भूमिका भी शक के घेरे में
हत्या के बाद राज चौहान के दोस्त मौके से फरार हो गए। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि दोस्तों में से ही किसी एक ने दूसरे गुट को सूचना दी, जिसके बाद हमलावर वहां पहुंचे। यही वजह रही कि घटना में राज चौहान के अलावा किसी और को खरोंच तक नहीं आई।
जेल से छूटने के बाद बेलगाम हो गया था राज
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जानलेवा हमले के एक मामले में जेल गया राज चौहान 2 दिसंबर 2025 को जमानत पर रिहा हुआ था। जेल से बाहर आते ही उसने सैकड़ों युवकों के साथ जुलूस निकाला, जिसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। इसके बाद यमुना पार इलाके में उसका दबदबा तेजी से बढ़ा। आरोप है कि राज चौहान जमीन के काम में दखल देने लगा था, खुलेआम जुआ लूट को अपना नया धंधा बना लिया था।
जुआ लूट से बढ़ी दुश्मनी, बदमाश हुए एकजुट
सूत्र बताते हैं कि 14 जनवरी को यमुना किनारे वेदांत मंदिर के पीछे जुआ लूट के दौरान मारपीट हुई थी। उस वक्त पुलिस ने इसे सामान्य झगड़ा मानकर चार युवकों का शांति भंग में चालान कर दिया था। इसी घटना के बाद यमुना पार के बदमाशों की एक बैठक एक होटल में हुई, जहां राज चौहान और दूसरे गुट के बीच समझौता नहीं हो सका और टकराव और गहरा गया।
कई नाम रडार पर, आधा दर्जन बदमाश फरार
इस हत्याकांड के बाद पुलिस को शोएब मंसूरी, हजरत अंसारी, विष्णु पंडित उर्फ भोला और दादाजन समेत कई बदमाशों की तलाश है। पुलिस का मानना है कि राज चौहान के पुराने विवाद, खासकर काली यादव को गोली मारने और आलोक यादव गैंग से रंजिश भी हत्या की वजह बने।
ट्रांस यमुना क्षेत्र में बेलगाम अपराध
थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र में अपराधों की बढ़ती घटनाओं ने पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 2022 में थाना बनने के बावजूद इलाके में बदमाशों का दुस्साहस कम नहीं हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि मामूली बात पर फायरिंग अब आम होती जा रही है और पुलिस प्रभावी नियंत्रण में नाकाम साबित हो रही है।
पुलिस हिरासत में कई संदिग्ध
राज चौहान हत्याकांड में पुलिस ने कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। अधिकारियों का दावा है कि वायरल वीडियो, कॉल डिटेल्स और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जल्द ही पूरे हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा।
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