आगरा-इटावा की सीमा जैतपुर-उदी मोड़ पर बनने जा रहा विहसंत सागर तीर्थधाम, भगवान मल्लिनाथ की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी, भू-गर्भ से प्राप्त 1800 वर्ष पुरानी आदिनाथ भगवान की दुर्लभ प्रतिमा समेत 72 मूर्तियों से युक्त 41 फीट ऊंचा मानस्तंभ भी होगा तीर्थधाम का आकर्षण, 15 मार्च को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे भूमि पूजन 

आगरा। आगरा के बाह क्षेत्र के जैतपुर और इटावा जिले के उदी मोड़ के बीच एक नया तीर्थधाम जल्द आकार लेगा। विहसंत सागर तीर्थधाम के नव निर्माण के लिए भूमि शिलान्यास समारोह आगामी 15 मार्च को प्रातः 9:00 बजे से होने जा रहा है। यह आयोजन श्री विहसंत सागर चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में संपन्न होगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं मुख्य अतिथि के रूप में इस समारोह में उपस्थित रहेंगे तथा विधिवत वैदिक-जैन विधि से भूमि शिलान्यास की क्रियाएं संपन्न कर इस पावन परियोजना का शुभारंभ करेंगे।

Feb 8, 2026 - 19:22
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आगरा-इटावा की सीमा जैतपुर-उदी मोड़ पर बनने जा रहा विहसंत सागर तीर्थधाम, भगवान मल्लिनाथ की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी, भू-गर्भ से प्राप्त 1800 वर्ष पुरानी आदिनाथ भगवान की दुर्लभ प्रतिमा समेत 72 मूर्तियों से युक्त 41 फीट ऊंचा मानस्तंभ भी होगा तीर्थधाम का आकर्षण, 15 मार्च को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे भूमि पूजन 
आगरा-इटावा की सीमा जैतपुर-उदी मोड़ पर प्रस्तावित विहसंत सागर तीर्थधाम से संबंधित विशेष पत्रिका का रविवार को आवास विकास सेक्टर सात के जैन मंदिर में विमोचन करते मेडिटेशन गुरु उपाध्याय श्री विहसंत सागर मुनिराज एवं जैन समाज के लोग।

इस भव्य आयोजन की आधिकारिक जानकारी आगरा के बोदला स्थित सेक्टर-7, श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में रविवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी गई। प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए आगरा में विराजमान मेडिटेशन गुरु उपाध्याय श्री विहसंत सागर मुनिराज ने बताया कि प्रस्तावित तीर्थधाम साधु-संतों के ध्यान, अध्ययन, तपस्या, आहारचर्या और आत्मकल्याण के लिए एक विशिष्ट आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इस अवसर पर आयोजन से संबंधित विशेष पत्रिका का भी विमोचन किया गया।

उपाध्याय श्री विहसंत सागर मुनिराज ने कहा कि यह आयोजन जैन समाज के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा महाशिलान्यास समारोह होगा, जिसे लेकर देश-विदेश के जैन समाज में अपार उत्साह देखा जा रहा है। इस अवसर पर आगरा के समस्त जैन समाजजन एवं ट्रस्टीगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और आयोजन को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया।

एक साथ 12 निर्माण कार्यों का शिलान्यास

लगभग 4 बीघा भूमि (242 × 150 फीट क्षेत्रफल) में विकसित होने वाले इस विशाल तीर्थधाम परिसर में एक साथ 12 महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया जाएगा। यहां विश्व की सबसे ऊंची उन्नीसवें तीर्थंकर भगवान मल्लिनाथ जी की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी। साथ ही भू-गर्भ से प्राप्त लगभग 1800 वर्ष प्राचीन श्री आदिनाथ भगवान की दुर्लभ प्रतिमा की भी विधिवत प्रतिष्ठा की जाएगी।

इसके अतिरिक्त, 72 मूर्तियों से युक्त 41 फीट ऊंचा मानस्तंभ तीर्थधाम की आध्यात्मिक गरिमा और भव्यता को एक नया आयाम देगा।

आध्यात्मिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा तीर्थ परिसर

विहसंत सागर तीर्थधाम परिसर में विशाल जैन मंदिर, संत भवन, गौशाला, आश्रय भवन, अस्पताल, गुरुकुल, संग्रहालय, यात्री निवास, भोजनालय, संतों की आहारशाला, वाटिका, समाधि स्थल एवं मेडिटेशन टेंपल जैसे अनेक महत्वपूर्ण प्रकल्प विकसित किए जाएंगे, जो भविष्य में श्रद्धालुओं और साधु-संतों के लिए आध्यात्मिक साधना का प्रमुख केंद्र बनेंगे।

देश-विदेश से पहुंचेंगे श्रद्धालु

शिलान्यास समारोह में भाग लेने के लिए दिल्ली, मुरैना, धौलपुर, भिंड, जबलपुर, इंदौर, भोपाल, छिंदवाड़ा, सागर, गुना, शिवपुरी, मैनपुरी, कुरावली, करहल, लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या, कानपुर, बाराबंकी, ग्वालियर, आगरा, शमशाबाद, फतेहाबाद, बाह, राजाखेड़ा, डबरा, गोहद सहित विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों बसों द्वारा श्रद्धालुओं के पहुंचने की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा देश-विदेश से भी बड़ी संख्या में जैन समाजजन के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

उल्लेखनीय है कि यह तीर्थधाम जैन तीर्थ शौरीपुर से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जिससे इसका धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व और भी बढ़ जाता है। आयोजन को लेकर संपूर्ण जैन समाज में विशेष उत्साह और उल्लास का वातावरण व्याप्त है।

कार्यक्रम के अंत में आगरा जैन समाज के मीडिया प्रभारी शुभम जैन एवं राहुल जैन ने सभी आगंतुकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विजय जैन, अनिल आदर्श जैन, महेश जैन, मगन कुमार जैन, राकेश जैन टीचर, दीपेश जैन, विपुल जैन, मोहित जैन, सुनील कुमार जैन, योगेश जैन, पारस जैन कांसल, मनोज जैन बल्लो, सुमेरचंद पांडया सहित समस्त आगरा जैन समाज के लोग उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor