सिविल एयरपोर्ट परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों को नहीं मिल रहा रोजगार
आगरा। सिविल सोसायटी ऑफ आगरा ने सिविल एयरपोर्ट (सिविल एन्क्लेव) परियोजना से प्रभावित धनौली, बल्हेरा और अभयपुरा के ग्रामीणों की बिगड़ती स्थिति को लेकर शासन से ठोस कार्ययोजना की मांग की है। खेतिहर मजदूरी पर निर्भर सैकड़ों लोगों के सामने अब रोज़गार का संकट खड़ा हो गया है, वहीं दूसरी ओर बारिश के साथ जलभराव, गंदे नालों और जल निकासी की समस्या ने जनजीवन को प्रभावित किया है।
-धनौली, बल्हेरा और अभयपुरा में खेतिहर मजदूरों के सामने रोज़गार और जलभराव दोहरी चुनौती
सिविल सोसायटी ऒफ आगरा के सचिव अनिल शर्मा ने मुख्य विकास अधिकारी से आग्रह किया है कि किसी सक्षम अधिकारी से इन गांवों का स्थलीय निरीक्षण करवाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि नालों के उफान से जीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है और मानसून की शुरुआत के बावजूद सफाई कार्य नहीं हुआ।
स्थायी समाधान की आवश्यकता
सबसे गंभीर स्थिति धनौली-मलपुरा नहर पुल के क्षेत्र में है, जहां जल का उचित डिस्चार्ज प्वाइंट नहीं है। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि सभी नालों के पानी को एकत्र कर एसटीपी (एसटीपी) के माध्यम से ट्रीट कर निस्तारित किया जाए। प्राथमिकता इस ट्रीटेड जल को परंपरागत पोखरों और तालाबों तक पहुंचाने की होनी चाहिए, ताकि पशुपालन और दुग्ध व्यवसाय को पुनर्जीवित किया जा सके।
रोज़गार और संस्थागत पहल की मांग
अनिल शर्मा ने बताया कि सिविल एयरपोर्ट के लिए जिन किसानों की जमीनें अधिग्रहित की गई थीं, उन्हें मुआवजा तो मिला लेकिन खेतिहर मजदूर बेरोजगार हो गए हैं। सिविल सोसायटी ने वीवी गिरि राष्ट्रीय श्रम संस्थान, नोएडा को पत्र लिखकर श्रमिकों की स्थिति पर अध्ययन की मांग की है। साथ ही जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा की गई है कि वे विधानसभा के मॉनसून सत्र में इस मुद्दे को उठाएं और विद्यालयों एवं सार्वजनिक उपयोग की सुविधाओं के पुनर्निर्माण के लिए फंड की मांग करें।