आगरा में गूंजा सनातन का स्वर, विराट हिंदू सम्मेलनों में एकता, संस्कार और हिंदू राष्ट्र का आह्वान

आगरा में आयोजित चार विराट हिंदू सम्मेलनों में संतों, आरएसएस पदाधिकारियों और सामाजिक नेताओं ने सनातन संस्कृति, हिंदू एकता और संस्कारों की रक्षा का संदेश दिया। एक ओर मालवीय कुंज पार्क में कलश यात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ सनातन चेतना का प्रदर्शन हुआ, वहीं अवधपुरी में हिंदू राष्ट्र की मांग और संगठन की आवश्यकता पर जोर दिया गया। दोनों सम्मेलनों में बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं की सहभागिता देखने को मिली।

Feb 8, 2026 - 22:03
Feb 8, 2026 - 22:20
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आगरा में गूंजा सनातन का स्वर, विराट हिंदू सम्मेलनों में एकता, संस्कार और हिंदू राष्ट्र का आह्वान
हिन्दू सम्मेलनों में मंचस्थ वक्ता, नीचे मौजूद सनातनी।

आगरा। शहर में रविवार को सनातन चेतना और हिंदू एकता के संदेश के साथ दो अलग-अलग स्थानों पर विराट हिंदू सम्मेलन आयोजित किए गए। एक ओर लोहामंडी स्थित मालवीय कुंज पार्क में सनातन उत्थान समिति के तत्वावधान में भव्य सम्मेलन हुआ, वहीं दूसरी ओर अवधपुरी कलवारी रोड स्थित उदय रेजीडेंसी प्रांगण में अवध सनातन चेतना मंच द्वारा विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। दोनों आयोजनों में संतों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में उपस्थित सनातनी जनसमूह को संबोधित किया।

यहां बच्चा-बच्चा राम है— महंत योगेश पुरी

लोहामंडी स्थित मालवीय कुंज पार्क में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते हुए मनकामेश्वर मंदिर के पीठाधीश्वर महंत योगेश पुरी ने कहा कि यह देश वासुदेव कुटुंब की भावना पर आधारित है। उन्होंने कहा कि यहां की मिट्टी चंदन है, हर गांव तपोभूमि है, हर बालिका देवी का स्वरूप है और यहां बच्चा-बच्चा राम है। महंत योगेश पुरी ने कहा कि हिंदू समाज कभी बंटा नहीं है और न ही बंटेगा। उन्होंने बच्चों को सनातन संस्कार देने पर जोर देते हुए कहा कि यदि आज हम अपने बच्चों को धर्म की रक्षा के लिए समर्पित नहीं कर सकते, तो कम से कम उन्हें धर्म की शिक्षा अवश्य दे सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आज भी हम चंद्रमा को चंदा मामा कहते हैं, क्योंकि हमारी परंपराएं और संस्कृति हमारे पुराणों से जुड़ी हैं।

मातृशक्ति बनी सम्मेलन की ताकत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के भवेंद्र जी ने कहा कि सम्मेलन में माताओं-बहनों की सर्वाधिक उपस्थिति समाज की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि माताएं ही धर्म का पालन सिखाती हैं और वही संस्कार आगे की पीढ़ी तक पहुंचते हैं। बबीता पाठक ने महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए सनातन धर्म की भूमिका पर प्रकाश डाला।

भव्य कलश यात्रा बनी आस्था का केंद्र

सम्मेलन से पूर्व सिर की मंडी स्थित गोरख बागीची से सैकड़ों महिलाओं ने पीले वस्त्र धारण कर भव्य कलश यात्रा निकाली। यह यात्रा बलदेवगंज बाजार, लोहामंडी चौराहा और आलमगंज रोड होते हुए मालवीय कुंज पार्क पहुंची। राम धुन और भजनों के साथ निकली यात्रा का जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं तथा गो-पूजन भी किया गया।

मंच पर उपस्थित रहे:

मंच पर रविन्द्र जैन, अमित बंसल, कृष्ण मुरारी मौजूद रहे। संचालन शिवम कुमार ने किया, जबकि व्यवस्थाओं में सुनील जैन, अनुज बंसल, राजेश कुमार, पार्षद शरद चौहान, जीतू जी का सहयोग रहा। 

भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए— स्वामी सत्यमित्रानंद महाराज

अवधपुरी कलवारी रोड स्थित उदय रेजीडेंसी प्रांगण में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में क्रांतिकारी संत स्वामी सत्यमित्रानंद महाराज ने भारत सरकार से भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि 1947 में उधार की स्वतंत्रता मिली थी, 2047 में पूर्ण स्वतंत्रता मिलेगी। सनातनी सरकार के रहते भारत आत्मनिर्भर भी बनेगा और हिंदू राष्ट्र भी। उन्होंने हिंदुओं से संगठित होने का आह्वान किया और कहा कि सनातनी सरकार के कारण ही आज ऐसे सम्मेलन संभव हो पा रहे हैं।

बटोगे तो कटोगे — संत परमानंद महाराज

संत परमानंद महाराज ने हिंदुओं को समय रहते संगठित होने का संदेश देते हुए कहा कि विभाजन समाज को कमजोर करता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संपर्क प्रमुख संजीव माहेश्वरी ने बताया कि संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शताब्दी वर्ष में हिंदुओं को संगठित करने और जातीय भेदभाव समाप्त करने के उद्देश्य से देशभर में हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं।

कृष्ण जन्मभूमि पर मजबूत पक्ष-अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह

कृष्ण जन्मभूमि मुकदमे के वरिष्ठ अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि आ गए अवधबिहारी, अब आएंगे कृष्ण मुरारी।” उन्होंने बताया कि न्यायालय में पक्ष मजबूत है और भव्य मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा। जुवेनाइल न्यायालय बोर्ड की सदस्य जया चतुर्वेदी ने संघ के पंच परिवर्तन विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला।

सम्मेलन में प्रमुख उपस्थिति

सम्मेलन की अध्यक्षता मिल्टन पब्लिक स्कूल के संस्थापक निदेशक राहुल राज कुलश्रेष्ठ ने की। विशिष्ट अतिथि विक्रम सिंह चाहर, रामप्रकाश शर्मा, किसान नेता मोहन सिंह चाहर रहे। संचालन अवधेश कुमार ने किया। 

सम्मेलन में पूर्व मंत्री चौधरी उदयभान सिंह,पूर्व विधायक कालीचरण सुमन, सतेंद्र कटारा, भगवान सिंह शर्मा, राजेंद्र पाठक, विनोद सारस्वत, टिंकू चाहर, जगदीश चौहान, रोहित चौधरी, देवेंद्र प्रजापति, धर्मेंद्र जोगी, वीरबहादुर सिंह, सुधीर शर्मा, प्रवीण धाकड़, शैलेन्द्र सिंह, राजेश अग्रवाल, रविन्द्र प्रजापति, अशोक लवानिया, हाकिम सिंह चाहर (प्रधान), पार्षद मीनाक्षी, देवेंद्र लोधी, केशवदेव शर्मा सहित सैकड़ों सनातनी हिंदू उपस्थित रहे।

गांधीनगर पार्क के हिंदू सम्मेलन में विवेकानंद की विचारधारा और सनातन चेतना की गूंज

विवेकानंद हिंदू सम्मेलन समिति द्वारा गांधीनगर पार्क में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर स्वामी राधा प्रसाद देव जी महाराज (वृंदावन) ने कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि मानव कल्याण की सार्वभौमिक जीवन शैली है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों को आज के युवाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताते हुए आत्मगौरव और राष्ट्रचेतना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवयित्री डॉ. रुचि चतुर्वेदी ने अपनी ओजस्वी कविता के माध्यम से सनातन धर्म की करुणा, मानवता और विश्व कल्याण की भावना को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया, जिस पर उपस्थित जनसमूह ने करतल ध्वनि से स्वागत किया।

मोहिनी बिहारी जी महाराज ने सनातन परंपरा की आध्यात्मिक शक्ति और समाज को जोड़ने वाली भूमिका पर प्रकाश डाला।
वक्ताओं डॉ. मुनीश्वर गुप्ता, लटूरी लट्ठ और अपूर्वा सिंह ने कहा कि हिंदू समाज की एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रहित के लिए ऐसे आयोजन आज अत्यंत आवश्यक हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता नवल किशोर ने की। उन्होंने कहा कि विराट हिंदू सम्मेलन जैसे आयोजन समाज में वैचारिक जागरण और सांस्कृतिक आत्मविश्वास को मजबूत करते हैं।
इस अवसर पर महानगर कार्यवाहक यादराम, मनीष अग्रवाल, महंत अनंत उपाध्याय, डॉ. इंद्रप्रकाश सोलंकी, सतीश गुप्ता (इंजीनियर), गोपाल दास, राकेश कमल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

उखर्रा की पुलिया पर विराट हिंदू सम्मेलन: सनातन रक्षा और राष्ट्रभाव पर जोर

मां कैला देवी हिंदू सम्मेलन समिति द्वारा राजपुर चुंगी स्थित उखर्रा की पुलिया पर आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में मुख्य अतिथि महंत गोपी गुरु ने सनातन संस्कृति के संरक्षण पर बल देते हुए कहा कि बच्चों को बचपन से ही सनातन संस्कार देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को कलावा पहनना, तिलक लगाना, रामायण का पाठ और राष्ट्र भावना से जुड़ना सिखाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में इतनी शक्ति है कि वह विधर्मियों का भी हृदय परिवर्तन कर सकता है। स्कूलों में हनुमान चालीसा का पाठ अनिवार्य किए जाने और युवाओं को सेना से जुड़ने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता बताई।
महंत गोपी गुरु ने भगवान राम द्वारा शबरी के जूठे बेर खाने का उदाहरण देते हुए जातिव्यवस्था समाप्त करने पर जोर दिया।

सम्मेलन के मुख्य वक्ता और आरएसएस के क्षेत्रीय कार्यवाहक प्रमोद शर्मा ने कहा कि जब हिंदू जागेगा, तभी विश्व जागेगा और मानवता का विश्वास सुदृढ़ होगा। उन्होंने कहा कि हिंदुओं की पहचान राष्ट्र के आधार पर होनी चाहिए और संघ वर्षों से राष्ट्र के सोए हुए हिंदुओं को जगाने का कार्य कर रहा है।

वक्ता हिमानी चतुर्वेदी ने कहा कि अखंड भारत के निर्माण के लिए पंच परिवर्तन आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। राष्ट्र चिंतन से ही भगत सिंह, झांसी की रानी और सरदार पटेल जैसे महापुरुष पुनः जन्म लेंगे।

सम्मेलन में गौ रक्षा पर विशेष जोर दिया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में रामायण मंचन, भगत सिंह शहीदी नाट्य, राधा-कृष्ण एवं घूमर नृत्य ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
मंच संचालन संयोजक भोला पंडित ने किया और अध्यक्ष संतोष सिंह लोधा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर धर्मवीर सिंह लोधी, हजारी सिंह तोमर, सनी उपाध्याय, जितेंद्र सविता, पार्षद फूल प्यारी, कौशल चौहान, अजय शर्मा, सोबरन सिंह रावत, सीबी चंद्र, दरबान सिंह पिलकवाल, योगेश द्विवेदी, पंकु सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।

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