आगरा के मोक्षधाम में पानी ही पानी, मथुरा में कॉलोनियां टापू बनीं, उतरने लगा यमुना का पानी

आगरा-मथुरा। यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान के आसपास पहुंचने से दोनों शहरों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। राहत की बात ये है कि आगरा में यमुना का जलस्तर अब उतरने लगा है। आगरा में फिलहाल जलस्तर खतरे के निशान से थोड़ा नीचे है, लेकिन ताजगंज मोक्षधाम में पानी भर चुका है। वहीं मथुरा में नदी का पानी कई कॉलोनियों और कुंभ क्षेत्र तक पहुंच गया है। मथुरा में आठ कॉलोनियां टापू बन चुकी हैं। उधर, मथुरा में यमुना किनारे स्थित राधारानी मंदिर व कुंभ क्षेत्र का बड़ा हिस्सा पानी में समा गया है। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर बाढ़ शरणालयों में शरण लेने और सतर्क रहने की अपील की है।

Aug 22, 2025 - 22:03
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आगरा के मोक्षधाम में पानी ही पानी, मथुरा में कॉलोनियां टापू बनीं, उतरने लगा यमुना का पानी
यमुना में आए उफान की वजह से आगरा के मोक्षधाम में भरे पानी की कुछ तस्वीरें। अन्य तस्वीरें यमुना के तटवर्ती क्षेत्रों की हैं। बल्केश्वर घाट पर समर्थकों के साथ विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल।

सिंचाई विभाग के अनुसार आज से यमुना का जलस्तर लगातार कम होने लगा है और कल 23 अगस्त को जल स्तर और कम हो जाएगा। आगरा में जल स्तर खतरे के निशान से थोड़ा नीचे ही रहा, जबकि मथुरा में यमुना नदी खतरे के निशान पर है। आसपास की आठ कॉलोनियां टापू बन गईं हैं। 500 घरों की पहली मंजिल पानी में डूब चुकी हैं। लोग दूसरी मंजिल पर शिफ्ट हो गए हैं।

आगरा की अपर जिलाधिकारी (वि/रा) शुभांगी शुक्ला ने बताया है कि 21 अगस्त को गोकुल बैराज, मथुरा से 97362 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण यमुना नदी का जल स्तर वर्तमान में 151.190 मीटर है। सिंचाई विभाग आगरा के अनुसार जलस्तर घट रहा है एवं 23 अगस्त को भी जलस्तर घटेगा।

हालांकि यमुना का खतरे के निशान के करीब जल स्तर पहुंच जाने से यमुना किनारे के गांवों के खेत जलमग्न हो गए। ताजगंज श्मशान घाट का प्लेटफार्म पानी में डूब गया। यमुना किनारे के मंदिरों की सीढ़ियों पानी में डूब चुकीं हैं।

तहसील सदर में यमुना नदी के लो फ्लड से ग्राम तनौरा, नूरपुर, कैलाश, स्वामी बाग, नगला बूढी, अमर विहार दयालबाग, मोती महल, कटरा वजीर खां, रामबाग बस्ती, अप्सरा टाकीज, यमुना किनारा रोड वेदान्त मन्दिर से फोर्ट एवं. तहसील फतेहाबाद में ग्राम भरापुर बमरौली, ईदौन, भडायना, भेवीकलों, गुडा मेवली खुर्द, हिमायूपुर आदि गांवों के प्रभावित होने की सम्भावना है।

एडीएम वित्त ने शहरवासियों एवं ग्रामवासियों से अपील की है कि जरूरी कागजात जैसे राशन कार्ड, पासबुक, आधार कार्ड को वॉटरफूफ बैग में रखें। क्लोरीन, ओआरएस तथा आवश्यक दवाइयां प्राथमिक उपचार किट में रखें। सूखे अनाज व मवेशियों के चारे को किसी ऊँचे स्थान पर सुरक्षित रखें।

बाढ़ की चेतावनी मिलते ही गर्भवती महिलाओं, बच्चों, वृद्ध, दिव्यांगजन एवं बीमार व्यक्तियों के साथ तुरन्त तहसीलों द्वारा स्थापित किये गये बाढ़ शरणांलयों में शरण लें। उबला हुआ या क्लोरीन युक्त पानी का उपयोग करें। बिजली का मुख्य स्विच व गैस रेगुलेटर को बन्द रखें। बाढ़ के सम्पर्क में आयी खाद्य सामग्रियों का सेवन न करें। डूबे हैंडपम्प के पानी का उपयोग न करें तथा पानी के किनारे न जायें, जरूरतमंद चीजों को ऊंचे स्थान पर रखें।

अपर जिलाधिकारी (वि/रा) शुभांगी शुक्ला ने अवगत कराया है कि तहसील के राजस्व विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वंय भ्रमणशील रहते हुऐ बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने एवं शहरवासियों एवं ग्रामवासियों को आवश्यक व्यवस्था कराने के साथ ही यदि जलस्तर में वृद्धि होती है तो लोगों को तहसीलों में बनाये गये बाढ़ शरणांलयों में शिफ्ट किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। बाढ़ की स्थिति से निपटने हेतु जनपद स्तर पर कन्ट्रोल रूम 24 घण्टे संचालित है। जिसका मोबाइल नं० 09458095419 और 0562-2260550 है।

आगरा उत्तर के विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने शुक्रवार को एसडीएम सदर  सचिन राजपूत के साथ उत्तर विधानसभा क्षेत्र के सम्भावित बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया। दयालबाग के अलावा बल्केश्वर के पार्वती घाट आदि क्षेत्रों में जाकर बाढ़ से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया। विधायक खंडेलवाल ने कहा कि यदि बाढ की स्थिति बनती है तो प्रशासन के साथ पार्षदगण, समाजसेवी संगठन व भाजपा कार्यकर्ता सेवा कार्यो में पूर्ण सहयोग करेगें।

दौरे में विधायक के साथ मंडल अध्यक्ष योगेश दिवाकर, अनिल सेंगर, पार्षद भरत शर्मा, हरिओम बाबा, गिर्राज बंसल, दीपक ढल, प्रहलाद सिंह गुड्डी, राजू खेमानी, सौरभ लंबरदार, बबली सिंघल, राजेंद्र सक्सेना, दिनेश गौतम, हिमांशु गौतम, अमित बघेल, राजकुमार गोयल आदि भी उपस्थित रहे।

मथुरा की तमाम कॊलोनियां पानी में डूबीं

यमुना के निकट स्थित कॉलोनियां चारों तरफ से यमुना के पानी से घिर गईं हैं। इनमें प्रमुख रूप से केशव कुंज, श्याम नगर, मोहिनी नगर, दुर्गा पुरम, राधा बिहार, भक्ति बिहार, कालिंदी कुंज और श्रीजी बिहारी के इलाके शामिल हैं।

मांट-वृंदावन रोड पर स्थित मानसरोवर राधारानी मंदिर तक पहुंचने वाला पूरा रास्ता बाढ़ के पानी से डूब गया है। राधारानी मंदिर भी चारों तरफ से पानी से घिर गया है। श्रद्धालुओं को इसी पानी के बीच से मंदिर तक जाना पड़ रहा है।यमुना में आई बाढ़ का असर कुंभ मेला क्षेत्र में भी देखने को मिल रहा है। यहां 90% कुंभ मेला क्षेत्र पानी में डूब चुका है। देवरहा बाबा घाट तक जाने वाला रास्ता भी पानी में गायब हो गया है। प्रशासन द्वारा लोगों को बैरियर लगाकर उस तरफ जाने से रोका जा रहा है।

SP_Singh AURGURU Editor