कोटा बैराज से छोड़े गए पानी से तेजी से बढ़ा चंबल का जलस्तर, पिनाहट घाट पर पहुंचा 119 मीटर के पार
आगरा। राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश का असर अब चंबल नदी के जलस्तर पर भी साफ दिखने लगा है। कोटा बैराज समेत चंबल की सहायक नदियों में आए उफान के चलते नदी का जलस्तर करीब आठ मीटर तक बढ़ गया है।
-जलस्तर बढ़ने के बाद स्टीमर संचालन बंद होने से दैनिक यात्री परेशान
पिनाहट के यमुना और चंबल संगम तट पर नदी का जलस्तर बढ़कर 119 मीटर तक पहुंच गया है। हालांकि अभी नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है, इसलिए फिलहाल किसी खतरे की आशंका नहीं है। जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया है और संभावित खतरे की स्थिति से निपटने के लिए निगरानी रखी जा रही है।
बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार, चंबल की ऊपरी धारा में अभी और पानी आने की संभावना है, जिससे जलस्तर और बढ़ सकता है। आसपास के गांवों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं लेकिन स्थिति पर नजर रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।
चंबल नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि के चलते प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से स्टीमर संचालन पर रोक लगा दी है। पिनाहट चंबल नदी घाट पर यह निर्णय तब लिया गया, जब जलस्तर 119 मीटर तक पहुंचकर स्थिर हो गया।
प्रशासन के मुताबिक, स्टीमर संचालन के दौरान एक स्टीमर का इंजन रेत में फंसने के कारण फेल हो गया था। इसके बाद से ही यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता मानते हुए स्टीमर सेवाएं तत्काल प्रभाव से रोक दी गईं।
इस फैसले से नदी पार करने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में घाट पर पहुंचने वाले यात्री परेशान हैं। लोग लगातार मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द स्टीमर सेवाएं बहाल की जाएं, ताकि उन्हें राहत मिल सके। स्थानीय प्रशासन की ओर से कहा गया है कि जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। जैसे ही स्थिति अनुकूल होगी और तकनीकी दिक्कतें दूर होंगी, स्टीमर संचालन फिर शुरू कर दिया जाएगा।