आगरा की राम बरात में आस्था का सैलाब, सौ से अधिक मनमोहक झांकियां, जयघोषों की गूंज
आगरा। सियाराममय वातावरण, भक्तिमय धुनों की गूंज और जयघोषों के बीच 148 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक राम बरात की शुरुआत बुधवार दोपहर लाला चन्नोमल की बारहदरी से भव्यता के साथ हुई। चांदी के रथ पर सवार प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न जब डोले में निकले तो पूरा वातावरण जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं की भीड़ से मार्ग सराबोर हो गया और हर ओर दिव्य आभा छा गई।
राम बरात के मार्ग पर झांकियां धार्मिक उल्लास जगाने के साथ ही सामाजिक समरसता और राष्ट्रभक्ति का संदेश भी दे रही हैं। 110 भव्य झांकियों, 12 बैंडों की स्वर लहरियों और भक्तिरस से भरे जनसैलाब ने वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया। राम बरात 18 सितंबर की सुबह कमलानगर स्थित जनकपुरी में अपने चरम पर पहुंचेगी।
राम बरात का शुभारंभ बुधवार को भक्तिमय माहौल में हुआ। 148 वर्षों से निरंतर चली आ रही यह परंपरा इस बार और अधिक भव्य स्वरूप में सामने आई है।
रामलीला कमेटी के अध्यक्ष विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल और महामंत्री राजीव अग्रवाल ने नारियल फोड़कर इस प्रभु श्रीराम की बरात का श्रीगणेश किया। ठीक दोपहर दो बजे श्रीगणेश जी की झांकी के साथ राम बरात का शुभारंभ हुआ और इसके बाद अन्य झांकियां इसमें शामिल होती गईं। भगवान श्रीराम चांदी के रथ पर अपने अनुजों के साथ बरात में निकले तो उनके दर्शन करते ही श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
इस वर्ष की बरात में कुल 110 झांकियां शामिल हैं। इनमें 12 ज्योतिर्लिंगों के अलौकिक स्वरूप ने दर्शन कराए तो ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित झांकी ने राष्ट्रभक्ति की भावना को जाग्रत किया। वहीं, अनेक झांकियों ने सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विविधता का संदेश दिया।
बरात में शामिल 12 बैंडों ने भक्ति और देशभक्ति की धुनों से वातावरण को उल्लासित कर दिया। श्रद्धालु इन धुनों पर झूम उठे। चांदी के रथ पर भगवान विष्णु जी और लक्ष्मी जी के स्वरूप भी दर्शनों का दिव्य अवसर प्रदान करते रहे।
दोपहर बाद आरंभ हुई बरात का लाभ यह मिल रहा है कि श्रद्धालु समय पर झांकियों का दर्शन कर पा रहे हैं। भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन ने कड़ी व्यवस्था की हुई है। प्रत्येक झांकी के साथ पुलिसकर्मी तैनात हैं और वरिष्ठ अधिकारी भी लगातार मार्ग का निरीक्षण कर रहे हैं।
राम बरात रावतपाड़ा से दरेसी, छत्ता बाजार, कचहरी घाट, बेलनगंज, धूलियागंज, किनारी बाजार, सिटी स्टेशन रोड, घटिया आजम खां चौराहा, छिली ईंट रोड, फुलट्टी बाजार, सेब का बाजार होते हुए कमलानगर की ओर बढ़ेगी। रास्ते में मकानों और भवनों से श्रद्धालु झांकियों और रथ पर पुष्प वर्षा कर रहे थे।
राम बरात को देखने के लिए न केवल आगरा बल्कि मथुरा, हाथरस, फिरोजाबाद, भरतपुर, धौलपुर और आसपास के कस्बों-गांवों से श्रद्धालु पहुंचे। पूरा मार्ग राम नाम के जयघोष से गूंज रहा है। बरात मार्ग की रौनक देखते ही बन रही है।
रामलीला कमेटी के निर्णय के चलते इस बार अखाड़ों के स्वरूप अभिनय करते नहीं दिखे, जिससे यात्रा की गति निरंतर बनी रही। 18 सितंबर की सुबह बारात जनकपुरी (कमलानगर) पहुंचेगी। वहां भव्य स्वागत होगा।