मां यमुना के अवतरण दिवस पर उमड़ी आस्था की लहर, यमुना आरती स्थल पर दुग्धाभिषेक
आगरा में रिवर कनेक्ट कैंपेन के तहत यमुना आरती स्थल पर माँ यमुना का अवतरण दिवस ‘यमुना छठ’ श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। दुग्धाभिषेक, विशेष पूजा, दीपदान और भव्य आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आयोजन के दौरान यमुना संरक्षण, अविरल जल प्रवाह, शुद्धिकरण और पुनर्जीवन का संकल्प लिया गया। रिवर कनेक्ट कैंपेन पिछले 12 वर्षों से यमुना से शहरवासियों के भावनात्मक जुड़ाव और संरक्षण के लिए लगातार अभियान चला रहा है।
रिवर कनेक्ट कैंपेन के तहत मनाई गई ‘यमुना छठ’, दीपदान और भव्य आरती से गूंजा वातावरण, श्रद्धालुओं ने यमुना संरक्षण, अविरल प्रवाह और पुनर्जीवन का लिया संकल्प
आगरा। रिवर कनेक्ट कैंपेन के तत्वावधान में यमुना आरती स्थल पर मां यमुना का पावन अवतरण दिवस ‘यमुना छठ’ श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक जागरूकता के अद्भुत संगम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, यमुना भक्त और शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान यमुना तट पर धार्मिक आस्था के साथ-साथ नदी संरक्षण का संदेश भी मुखर रूप से दिखाई दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत मां यमुना के दुग्धाभिषेक और विशेष वैदिक पूजन-अर्चन से हुई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से दीपदान कर यमुना मैया के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की। शाम ढलते ही यमुना तट का दृश्य अत्यंत मनोहारी हो उठा, जब सैकड़ों दीपों की रोशनी से पूरा घाट आलोकित हो गया। इसके बाद संपन्न हुई भव्य यमुना आरती ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और भाव-विभोर मन से आरती में भाग लिया।
इस पावन अवसर पर बृज खंडेलवाल, पद्मिनी अय्यर, चतुर्भुज तिवारी, डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य, पंडित जुगल किशोर, गोस्वामी नंदन श्रोतरीय, अभिनव, मुकेश चौधरी, राहुल नंदवंशी, दीपक राजपूत, शाहतोश गौतम और सतीश गुप्ता सहित अनेक गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी ने मां यमुना के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए नदी संरक्षण के महत्व पर जोर दिया।
रिवर कनेक्ट कैंपेन के संयोजक बृज खंडेलवाल ने बताया कि यह आयोजन पिछले 12 वर्षों से लगातार किया जा रहा है। उनका कहना था कि इस अभियान का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन करना नहीं, बल्कि आगरा की जीवन रेखा यमुना नदी के साथ शहरवासियों का भावनात्मक, सांस्कृतिक और सामाजिक जुड़ाव मजबूत करना भी है। उन्होंने कहा कि यमुना केवल जलधारा नहीं, बल्कि ब्रज संस्कृति, भारतीय आस्था और जनजीवन की धुरी है।
उन्होंने बताया कि रिवर कनेक्ट कैंपेन लंबे समय से यमुना बैराज निर्माण, अविरल जल प्रवाह सुनिश्चित करने, और नदी के शुद्धिकरण एवं पुनर्जीवन जैसी महत्वपूर्ण मांगों को निरंतर उठाता रहा है। अभियान से जुड़े लोगों का मानना है कि जब तक समाज और प्रशासन मिलकर यमुना के संरक्षण के लिए ठोस प्रयास नहीं करेंगे, तब तक इस ऐतिहासिक और जीवनदायिनी नदी को उसका वास्तविक स्वरूप वापस नहीं मिल सकेगा।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से यह संकल्प भी लिया कि वे न केवल यमुना की धार्मिक महत्ता को समझेंगे, बल्कि उसकी स्वच्छता, संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए जन-जागरण अभियान का हिस्सा भी बनेंगे। लोगों ने कहा कि यमुना हमारी आस्था, संस्कृति और पर्यावरणीय संतुलन की धरोहर है, जिसे बचाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
यमुना छठ के इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि धार्मिक आस्था यदि सामाजिक सरोकार से जुड़ जाए, तो वह जन-आंदोलन का रूप ले सकती है। यमुना आरती स्थल पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक पूजा-अर्चना नहीं, बल्कि माँ यमुना के सम्मान, संरक्षण और पुनर्जीवन का सामूहिक संकल्प बनकर सामने आया।