ऐसी विचारधारा को समाप्त कर देना चाहिए जो हमारे देश और धर्म को नष्ट करे

आगरा। जो विचारधारा हमारे देश और धर्म को नष्ट कर दे, उस विचारधारा को समाप्त कर देना चाहिए। आग लगने पर पानी की व्यवस्था करोगे तो जल जाओगे, इसलिए आग लगने से पहले ही पानी की व्यवस्था करना ही उचित है। यदि हम सावधान नहीं हुए तो 15-20 वर्ष बाद हमारी भी वही दुर्दशा होगी, जो आज बंगाल में हिन्दुओं की हो रही है।

Dec 10, 2024 - 18:57
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ऐसी विचारधारा को समाप्त कर देना चाहिए जो हमारे देश और धर्म को नष्ट करे
भागवत कथा में तीसरे दिन प्रवचन करते आचार्य देवकी नंदन ठाकुर।

-बजरंग आश्रम पर देवकीनन्दन ठाकुर ने कथा में तीसरे दिन किया ध्रुव चरित्र का वर्णन

ब्रह्मा जी द्वारा सनद पुत्रों के जन्म, ध्रुव चरित्र के वर्णन के साथ आज आचार्य देवकी नन्दन ठाकुर ने बाह स्थित बजरंग आश्रम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में यह वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि मन ने जिसको मान लिया वही सुख और दुख है, इसलिए मनुष्य के लिए दुख का कारण मन ही है। मन के बंधन को मन से काटा जा सकता है। जब तक मन संस्कार में लगा रहेगा, दुखी रहेगा। मन को भगवान के चरणों में लगाने से ही कष्ट मिट सकते हैं। हृदय लोहा और भगवान की कथा चुम्बक है। बड़ों का आदर करने से मान घटता नहीं बढ़ता है। पिता से ज्यादा कल्याण कोई किताब नहीं कर सकती।

आचार्य ने कहा कि वही संस्कारी हैं जो बड़ों का आदर करते हैं। इसलिए पहले अभिभावक अपने आदरणीयों को आदर करेंगे तो बच्चे भी उनका आदर करेंगे। बिना सिर झुए सिर्फ नमस्ते होती है आजकल। फटी जीन्स पहनने वाले पापा बच्चों को कैसा संस्कार देंगे। माताएं फैशन में लगी हुई हैं। घर में बेटी और बहू आ जाए तो घर में कैसे रहना है, इसका प्रशिक्षण गांव के से लें। शहर की मानसिकता बिगड़ती जा रही है। पढ़ना लिखना जरूरी है लेकिन संस्कारवान रहना भी जरूरी है, जो घर से ही मिलते हैं।

इस अवसर पर मुख्य रूप से अरुण चतुर्वेदी, पवन चतुर्वेदी, दीपक शर्मा, कृपाशंकर दीक्षित, अनुपम मिश्रा, वीरेन्द्र चतुर्वेदी, हिमांशु, अमृतांश, ओम, सूर्यांश अवधेष, राजेश, नरेश, हरिओम, पंकज, पवन, राघव आदि उपस्थित थे।   

धर्म सिर्फ सनातन बाकी सब पंथ

आगरा। आचार्य देवकी नन्दन ठाकुर ने कहा कि जो व्यक्ति द्वारा संचालित हो वह पंथ है। और ईश्वर द्वारा संचालित ही केवल धर्म है जो सिर्फ सनातन ही है। इसलिए विश्व में धर्म सिर्फ सनातन ही धर्म है, बाकी सब पंथ हैं।

आचार्य ने श्रीमद्भागवत कथा में 28 प्रकार के नर्कों का वर्णन करते हुए कहा कि पराई सम्पदा, स्त्री पर हक जमाना, बच्चों का हरण करना, अहंकार, द्रोह, दयाहीनता, मात्र पेट भरने के लिए जीव हत्या कर मांसाहार करना जैसे पाप ही नर्क का रास्ता बनते हैं।

कुछ हिन्दू ही नहीं चाहते कि सनातन बोर्ड का मामला आगे बढ़े

आगरा। कितना कष्ट होता है जब हमने भगवान की पूजा पद्धति को भी सुरक्षित न रख पाएं। आज कुछ हिन्दू ही हैं जो नहीं चाहते कि सनातन बोर्ड का मामला आगे बढ़े। वह व्यवधान डाल रहे हैं। एक बार सनातन बोर्ड बन गया तो भारत के सभी मंदिर सरकार से आजाद हो जाएंगे। हमारी पुरातन परम्परा बची रहेंगी। गुरुकुल तैयार हो जाएंगे, गौशालाएं बन जाएंगी। कृष्ण जन्म भूमि और सम्भल का मामला हमें हाईकोर्ट सुप्रीम कोर्ट में नहीं लड़ना पड़ेगा।

आगरा के भक्त प्रेमनिधि को रात में छोड़ना पड़ा था शाहजहां को

आगरा। मुगलों ने कोई कमी नहीं छोड़ी हिन्दुओं पर अत्याचार करने में। मुगलकाल में प्रेम निधि आगरा के ही भक्त थे। वह आगरा में ही रहे। यहां के लोगों में सनातन को बचाए रखन के लिए। परन्तु हिन्दू धर्म के प्रचार के अपराध में शाहजहां ने उन्हें बंदी बना लिया। प्रेमनिधि जेल में रात भर रोते रहे कि आज वह अपने आराध्य को जल नहीं पिला पाए। भक्त का रोना भगवान से देखा नहीं गया। भगवान ने प्रकाश रूप में उपस्थित होकर शाहजहां का पलंग तोड़ दिया और प्रेमनिधि को छोड़ने का आदेश दिया। यह सत्य घटना है कि शाहजहां ने उन्हें रात में ही बंदीग्रह से छोड़ा।

SP_Singh AURGURU Editor