ईमानदारी का पहिया और इंसानियत की रफ्तारः एसओएस वॉलिंटियर नीरज तिवारी बने भरोसे और मानवीय मूल्यों की पहचान

आगरा। आज के समय में जब स्वार्थ और लालच की खबरें सुर्खियां बनती हैं, वहीं एसओएस (सोल्जर्स ऒफ सोसाइटी) वॉलिंटियर्स से जुड़े नीरज तिवारी ने ईमानदारी और मानवीय संवेदनशीलता का ऐसा उदाहरण पेश किया है, जो समाज में विश्वास और नैतिकता को नई मजबूती देता है। देहरादून से आए एक यात्री का कीमती सामान, जो भूलवश उनके ऑटो में छूट गया था, नीरज तिवारी ने न केवल सुरक्षित रखा, बल्कि स्वयं प्रयास कर यात्री से संपर्क स्थापित किया और पूरा सामान सकुशल लौटाकर इंसानियत की मिसाल कायम की।

Jan 5, 2026 - 18:59
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ईमानदारी का पहिया और इंसानियत की रफ्तारः एसओएस वॉलिंटियर नीरज तिवारी बने भरोसे और मानवीय मूल्यों की पहचान
ऒटो में छूटे बैग को यात्री को लौटाते एसओएस वालिंटियर नीरज तिवारी।

भूल से छूटा सामान, ईमानदारी से लौटा सम्मान

जानकारी के अनुसार, देहरादून से आए यात्री का बैग यात्रा के दौरान नीरज तिवारी के ऑटो में छूट गया था। बैग में जरूरी सामान होने के बावजूद नीरज तिवारी ने बिना किसी लालच के यात्री की पहचान की, उससे संपर्क किया और व्यक्तिगत स्तर पर प्रयास कर सामान उसे सौंप दिया। यात्री ने इस मानवीय व्यवहार के लिए नीरज तिवारी का आभार जताया।

यह पहला मामला नहीं, आदत है ईमानदारी की

उल्लेखनीय है कि नीरज तिवारी द्वारा ऐसा अनुकरणीय कार्य पहली बार नहीं किया गया। इससे पूर्व भी वे चार से पांच बार यात्रियों का छूटा हुआ सामान, जिसमें बैग, महत्वपूर्ण दस्तावेज़ और अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल थीं, ईमानदारीपूर्वक लौटाकर समाज में विश्वास और नैतिक मूल्यों की मिसाल बन चुके हैं। उनका यह व्यवहार दर्शाता है कि ईमानदारी उनके लिए अवसर नहीं, बल्कि जीवन का सिद्धांत है।

एसओएस वॉलिंटियर्स लगातार ऐसे कार्यों के माध्यम से शहर की सामाजिक छवि को सशक्त कर रहे हैं। आमजन की मदद, संकट में साथ और ईमानदारीपूर्ण व्यवहार से यह संस्था समाज में भरोसे का पर्याय बनती जा रही है।

नूर मोहम्मद ने भी दिया इंसानियत का परिचय

इसी क्रम में कुछ दिन पूर्व एसओएस वॉलिंटियर नूर मोहम्मद ने भी एक यात्री का छूटा हुआ सामान पूरी ईमानदारी से वापस कर मानवीय संवेदना का परिचय दिया था।

लगातार सामने आ रहे इन प्रेरणादायी सामाजिक योगदानों को देखते हुए एसओएस संस्था ने यह घोषणा की है कि नीरज तिवारी और नूर मोहम्मद, दोनों एसओएस वॉलिंटियर्स को 26 जनवरी को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान न केवल इन व्यक्तियों के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए ईमानदारी और इंसानियत का संदेश होगा।

SP_Singh AURGURU Editor