लोकतंत्र शब्द पर सपा को कब से भरोसा होने लगा, यूपी विधानसभा में भड़के योगी
यूपी विधानसभा में सोमवार को 11 बजे से मॉनसून सत्र शुरू हो गया। सदन में 13 अगस्त की सुबह 11 बजे विकसित भारत, विकसित यूपी विजन डॉक्युमेंट 2047 पर लगातार 24 घंटे की चर्चा होगी। इसमें सरकार विभागवार उपलब्धियां और विजन रखेगी, जबकि विपक्ष के सवाल और सुझाव भी आएंगे। सत्र में बांके बिहारी कॉरिडोर आर्डिनेंस और उच्च शिक्षा व अन्य विभागों से जुड़े छह अहम विधेयक भी पास करवाने की तैयारी है। मॉनसून सत्र का अभी जो कार्यक्रम तय किया गया है उसके अनुसार 14 अगस्त तक सत्र चलेगा। आज सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए थे। सपा के सदस्य हाथों में पोस्टर-बैनर लेकर आए थे।
लखनऊ। यूपी विधानसभा मानसून सत्र के पहले दिन जम कर हंगामा हुआ। विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडेय के साथ गोरखपुर में कथित दुर्व्यवहार के मुद्दे को सपा ने जोरःोसर से उठाया और इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताया। हालांकि सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सपा के मुंह से लोकतंत्र की बातें सुनना हैरान करने वाला है। इस पर सदन में जोरदार हंगामा हो गया। विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।
स्थगन के बाद एक बार फिर यूपी विधानसभा की कार्यवाही शुरू हो गई। फिर से सपा सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि आप लोग अपनी सीट पर बैठो। मैं आपकी पूरी बातें सुनूंगा। सपा विधायकों ने एक बार फिर नेता प्रतिपक्ष से अभद्र व्यवहार का मुद्दा उठाया। सपा नेताओं ने कहा कि माता प्रसाद पांडेय के साथ गोरखपुर में गलत व्यवहार किया। इस पर संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का हम बहुत सम्मान करते हैं। कल दो बैठकों में नेता प्रतिपक्ष मौजूद रहे पर इस विषय पर कोई बातचीत नहीं की। विपक्ष बगैर किसी मुद्दे की जांच करने की मांग कर रहा है।
नेता प्रतिपक्ष के आरोपों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोकतंत्र शब्द पर कब से विपक्ष को विश्वास होने लगा। ये शब्द इनको शोभा नहीं दे रहा है। योगी ने माता प्रसाद पांडेय को संबोधित करते हुए कहा कि आप वरिष्ठ नेता हैं। आपके कंधे पर बंदूक रखकर चलाया जा रहा है। गोरखपुर में विरासत गलियारा बनाया जा रहा है जो आप लोगों ने अपने समय में नहीं बनवाया। अगर एनडीए की सरकार विकास कराना चाहती है तो आप लोगों को बुरा लगता है।
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि हमारी मांग है कि गोरखपुर की घटना की सरकार जांच कराए। अगर हम दोषी हैं तो हमें बताएं। सदन धमकी से नहीं चलता। जो लोग इधर बैठे हैं वो कभी उधर बैठे थे। लोकतंत्र में अगर किसी मुख्यमंत्री के क्षेत्र में नेता प्रतिपक्ष के साथ अभद्र व्यवहार हो तो कैसे चलेगा।
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने सत्र शुरू होते ही आरोपों की बौछार कर दी। उन्होंने कहा कि जब वह गोरखपुर गए थे तो उनके रास्ते पर बुलडोजर लगा दिए गए। उस पर चढ़कर लोगों ने मेरे खिलाफ नारेबाजी की। गोरखपुर में एक ऐसा गिरोह है जिसको संरक्षण प्राप्त है। जटाशंकर चौराहा और घंटाघर में मुझे गाड़ी से खींचने की कोशिश हुई।
विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले सपा विधायकों ने बैनर और तख्ती लेकर प्रदर्शन किया। इन पोस्टरों पर लिखा था आप चलाइए मधुशाला, हम चलाएंगे पीडीए पाठशाला। यूपी में अपराधी घूमे बेखौफ। अत्याचार फैला हर ओर। सपा विधायकों ने विधानसभा के बाहर रैली निकाली।
मेरठ की सरधना सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान का एक अलग अंदाज देखने को मिला। सपा विधायक आज कांवड़ लेकर विधानसभा परिसर पहुंचे, इस कांवड़ में एक तरफ लिखा था- 'हमें चाहिए पाठशाला' और दूसरी तरफ था- 'हमें नहीं चाहिए मधुशाला'। अतुल प्रधान ने इस दौरान यूपी में स्कूल मर्जर को लेकर सवाल उठाए और कहा कि सरकारी स्कूलों को बंद करने का नियम किसने बनाया है? 2019 में पहले बंद करने का काम किया। आखिर सरकारी स्कूलों में कौन पढ़ता है? यहां गरीब-मजदूर छोटा-मोटा व्यापार करने व्यापार करने वालो के बच्चे पढ़ते हैं।
सदन में ‘विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश’ पर विजन डॉक्यूमेंट रखा जाना है। उस पर 24 घंटे चर्चा होनी है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस पर भी सभी मंत्री और विधायक ठीक से अपनी बात रखें। बताएं कि कैसे, भाजपा सरकार में प्रदेश आगे बढ़ रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि हो सकता है विपक्ष इस चर्चा में बाधा डालने की कोशिश करे और वॉक आउट भी कर सकता है। फिर भी हमें अपनी बात रखनी है। सीएम ने रविवार को ‘विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश’ शीर्षक से छपी एक किताब का विमोचन भी किया। सभी विधायकों को यह किताब बांटी गई। इसमें 1950 से लेकर अब तक प्रदेश की की यात्रा को विस्तार से लिखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे पढ़ें। इसमें आंकड़े और अन्य काम की जानकारी मिल सकती है। वह चर्चा में काम आएगी
उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सोमवार के दिन विपक्ष द्वारा किए गए हंगामे के चलते विधानसभा की कार्यवाही न होने को बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एवं नेता सदन और पूरी सरकार विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए सदन मेें पूरी तरह से तैयार थे, लेकिन विपक्ष के गैरजिम्मेदाराना एवं अलोकतांत्रिक व्यवहार से सदन की कार्यवाही स्थगित हो गई। प्रदेश की सम्मानित जनता को भी विपक्ष की इस गैर-जिम्मेदाराना बर्ताव को गंभीरता से लेना चाहिए। विपक्ष का इस तरह का व्यवहार जनहित एवं प्रदेश के विकास के लिए बाधक है। बेवजह एवं अनुपयोगी मुद्दों को सदन में उठाकर सदन को न चलने देना किसी भी प्रकार से न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता है।