जब सीख बनती है जीवन रक्षकः बीएलएस और एएलएस ट्रेनिंग से डॉक्टरों को नई ताकत
आगरा। जब किसी की सांसें थमने लगें और दिल की धड़कन रुक जाए, तब सिर्फ एक प्रशिक्षित हाथ ही उसे मौत के मुंह से वापस ला सकता है। एसएन मेडिकल कॉलेज में चल रही बीएलएस और एएलएस ट्रेनिंग कार्यशाला इसी उद्देश्य को पूरा कर रही है। हर चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी को बनाना है “लाइफ सेवर”।
-एसएन मेडिकल कॉलेज में 14 मई तक चल रही है अत्याधुनिक जीवन रक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में 14 मई तक आयोजित की जा रही है विशेष कार्यशाला, जिसमें बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) और एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (एएलएस) का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह कोर्स कॉलेज के एनेस्थीसिया विभाग और अन्य चिकित्सा विभागों के सहयोग से हो रहा है, जो जीवन बचाने के हर जरूरी कौशल पर केंद्रित है।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि बीएलएस वो प्रारंभिक तकनीकें हैं जो कार्डियक अरेस्ट या सांस रुकने की स्थिति में आम नागरिक भी उपयोग कर सकता है, जैसे सीपीआर, एईडी और आर्टिफिशियल वेंटिलेशन।
एएलएस उन्नत प्रक्रिया है जिसमें दवाओं का इस्तेमाल, इंटुबेशन, ईसीजी मॉनिटरिंग आदि शामिल हैं। यह यह खासतौर पर प्रशिक्षित डॉक्टरों और पैरामेडिक्स के लिए है।
इस कार्यशाला का आयोजन कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ प्रशांत गुप्ता के नेतृत्व में हो रहा है, जबकि कोर्स कोऑर्डिनेटर डॉ संदीप साहू (एसजीपीजीआई) हैं। उनके साथ छह विशेषज्ञ फैकल्टी इस प्रशिक्षण में सहयोग दे रहे हैं।
कार्यक्रम में मुख्य भूमिका निभाने वालों में डॉ अपूर्व मित्तल (ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन, एनेस्थीसिया विभाग), डॉ प्रशांत लावनिया (को-ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन, सर्जरी विभाग), डॉ अमृता गुप्ता (ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी) और सहायक – डॉ दीपिका, डॉ राजीव पुरी, डॉ अतिहर्ष मोहन आदि शामिल हैं।
नेस्थीसिया विभाग की डॉ दीपिका, डॉ राजीव पुरी, डॉ अतिहर्ष मोहन का सहयोग रहा। कार्यक्रम में डॉ बृजेश शर्मा एसआईसी, डॉ टीपी सिंह वाईस प्रिंसिपल, डॉ गजेंद्र विक्रम सिंह सीएमएस, डॉ प्रीति भारद्वाज मीडिया प्रभारी अधिकारी, समस्त विभागाध्यक्ष डॉ अंशु गुप्ता, डॉ कामना सिंह, डॉ रेनू अग्रवाल, डॉ संतोष , डॉ धर्मेन्द्र कुमार, डॉ स्निग्धा सेन, डॉ पंकज , डॉ मृदुल आदि का सहयोग रहा।
समस्त विभागाध्यक्ष, प्राचार्य व वरिष्ठ चिकित्सकों ने इसे चिकित्सा शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम बताया, जो भविष्य में प्रशिक्षण से हजारों जिंदगियां बचा सकेगा।