आगरा में संचालित ऑटोज में अश्लीलता पर कब लगेगी लगाम? छात्राओं की सुरक्षा पर उठ रहे सवाल, प्रशासन को पत्र लिखकर किया गया आगाह
आगरा। शहर में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर में संचालित ऑटोरिक्शा में तेज आवाज में बजने वाले अश्लील और द्विअर्थी गानों तथा चालकों के सत्यापन न होने की समस्या को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता एवं कोशिश फाउंडेशन के अध्यक्ष नरेश पारस ने जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर और महिला आयोग को पत्र लिखकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने साफ कहा कि यह केवल असहजता का मामला नहीं, बल्कि महिला गरिमा और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
सरकार जहां पूरे प्रदेश में मिशन मोड में महिला सुरक्षा के लिए अभियान चला रही है, वहीं जमीनी स्तर पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट में हालात चिंताजनक बने हुए हैं। ऑटो चालकों द्वारा तेज आवाज में अश्लील गाने बजाना महिलाओं और छात्राओं को न केवल असहज करता है, बल्कि कई बार यह माहौल छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को भी बढ़ावा देता है।
छात्राओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
शहर में बड़ी संख्या में छात्राएं ऑटो से सफर करती हैं। ऐसे में जब सफर के दौरान उन्हें अश्लील गीतों और अभद्र माहौल का सामना करना पड़ता है, तो यह सीधे तौर पर उनकी मानसिक सुरक्षा और आत्मसम्मान पर चोट करता है। महिला सुरक्षा और सुरक्षित यात्रा जैसे दावे तब खोखले नजर आते हैं।
छेड़खानी के बाद छात्रा को फेंका था ऑटो से
एकता थाना क्षेत्र की एक दिल दहला देने वाली घटना ने इस समस्या की गंभीरता को उजागर कर दिया है। कक्षा छह की एक छात्रा परीक्षा देकर ऑटो से घर लौट रही थी, तभी चालक ने उसके साथ छेड़छाड़ की। खतरा महसूस कर छात्रा चलते ऒटो से कूद गई, जिससे वह घायल हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने चालक को पकड़कर पुलिस के हवाले किया। मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है।
यह कोई पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी ऑटो में छात्राओं और महिलाओं के साथ कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
अधूरा रह गया पुलिस का अभियान
पूर्व में पुलिस ने ऑटो चालकों के सत्यापन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अभियान चलाया था। योजना के तहत हर ऑटो पर क्यूआर कोड लगाने, चालक की जानकारी दर्ज करने और हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित करने की व्यवस्था बनाई गई थी।
लेकिन यह एक्शन प्लान कुछ ही दिनों में ठंडे बस्ते में चला गया, जिससे सुरक्षा व्यवस्था फिर पुराने ढर्रे पर लौट आई।
छह बिंदुओं में उठाई सख्त मांग
सोशल वर्कर नरेश पारस ने प्रशासन के सामने महिला सुरक्षा को लेकर छह ठोस मांगें रखी हैं। ऑटो में अश्लील और द्विअर्थी गाने बजाने पर सख्त प्रतिबंध लगे। हर ऑटो पर क्यूआर कोड अनिवार्य किया जाए। सभी चालकों का पुलिस सत्यापन कराया जाए। हर ऑटो पर हेल्पलाइन नंबर लिखे जाएं। चालक और मालिक की पूरी जानकारी ऑनलाइन दर्ज हो। नियम तोड़ने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
यह मुद्दा केवल नियमों का नहीं, बल्कि समाज की गरिमा और बेटियों की सुरक्षा का है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस चेतावनी को गंभीरता से लेकर कड़ा कदम उठाता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाता है।