वंदे मातरम गीत पर आज बहस क्यों? प्रियंका गांधी ने दागा निशाना
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने लोकसभा में 'वंदे मातरम' पर हो रही चर्चा को बंगाल चुनाव से जोड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार जनता का ध्यान वर्तमान समस्याओं से हटाकर अतीत की ओर भटकाना चाहती है। प्रियंका गांधी ने सवाल उठाया कि 150 साल पुराने गीत पर आज बहस का मकसद क्या है।
नई दिल्ली। लोकसभा में ‘ वंदे मातरम ’ के 150 वर्ष पूरे होने पर हो रही विशेष चर्चा पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सोमवार को मोदी सरकार पर जोरदार पलटवार किया। प्रियंका गांधी ने भरी सभा में कहा कि यह चर्चा केवल और केवल बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझकर जनता का ध्यान वर्तमान की समस्याओं से हटाकर अतीत में भटकाना चाहती है।
प्रियंका गांधी ने कहा कि 'वंदे मातरम' गीत 150 साल से देश की आत्मा का हिस्सा है। देश के लोगों के दिल में बसा है। 75 साल से ये देश में है। आज इस पर चर्चा क्यों हो रही है। मकसद क्या है इसका? जनता का विश्वास, दायित्व उनके प्रति हमारी जिम्मेदारी हम कैसे निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने ये भी कहा कि बंगाल चुनाव की वजह से वंदे मातरम पर चर्चा हो रही है।
प्रियंका गांधी ने कहा कि आप चुनाव के लिए हैं, हम देश के लिए हैं। हम चाहे कितने भी चुनाव हार जाएं, हम यहां बैठकर आपसे और आपकी विचारधारा से लड़ते रहेंगे। हम अपने देश के लिए लड़ते रहेंगे। आप हमें रोक नहीं सकते। प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि आज सदन में वंदे मातरम पर बहस के दो कारण हैं। पहला, पश्चिम बंगाल में चुनाव आ रहे हैं।
ऐसे में हमारे प्रधानमंत्री अपनी भूमिका बनाना चाहते हैं और दूसरा, जिन्होंने आज़ादी की लड़ाई लड़ी, देश के लिए कुर्बानी दी उन सरकार नए आरोप लगाने का मौका चाहती है। ऐसा करके सरकार देश का ध्यान जनता से जुड़े ज़रूरी मुद्दों से भटकाना चाहती है।
सच तो यह है कि नरेंद्र मोदी अब पहले जैसे प्रधानमंत्री नहीं रहे। सच तो यह है कि यह दिखने लगा है। उनका आत्मविश्वास कम हो रहा है। उनकी नीतियां देश को कमजोर कर रही हैं, और मेरे सत्तापक्ष के साथी चुप इसलिए हैं क्योंकि अंदर ही अंदर वो भी इस बात से सहमत हैं। आज, देश के लोग दुखी, परेशान और समस्याओं से घिरे हुए हैं और आप उन समस्याओं का हल नहीं निकाल रहे हैं।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि वे सिर्फ जनता का ध्यान भटकाना चाहते हैं इसलिए आज हम वंदे मातरम पर चर्चा कर रहे हैं। वंदे मातरम देश के कण-कण में ज़िंदा है। इस पर कोई बहस नहीं हो सकती। आज प्रधानमंत्री ने यह चर्चा शुरू की। उन्होंने भाषण दिया और यह कहने में कोई झिझक नहीं है कि वे भाषण तो अच्छे देते हैं, लेकिन तथ्यों के मामले में कमजोर पड़ जाते हैं। इसमें भी एक कला होती है कि तथ्यों को किस तरह से जनता के सामने पेश किया जाए। मैं नई-नई हूं, मैं जनता की प्रतिनिधि हूं, कलाकार तो नहीं हूं।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने आगे कहा कि सत्तापक्ष के हमारे साथी इतने घमंडी हो गए हैं कि वे खुद को महात्मा गांधी, रवींद्रनाथ टैगोर, राजेंद्र प्रसाद, बाबा साहेब अंबेडकर, मौलाना आजाद, सरदार पटेल और सुभाष चंद्र बोस से बड़ा समझने लगे हैं। पीएम मोदी का अपने भाषण में यह कहना कि राष्ट्रगीत को एक विभाजनकारी सोच द्वारा काटा गया। उन सभी महान लोगों का अपमान है जिन्होंने इस देश की आजादी की लड़ाई में अपनी पूरी जिंदगी लगा दी।