आगरा की जामा मस्जिद के सामने क्यों बन गये तनाव के हालात और पुलिस ने कैसे टाला टकराव
आगरा। सोमवार अपराह्न में आगरा की शाही जामा मस्जिद पर माहौल बिगड़ने से बाल-बाल बचा। दरअसल हिंदू महिला वाहिनी की अध्यक्ष मीरा राठौर अपने समर्थकों के साथ मस्जिद कमेटी के लोगों को तिरंगा झंडा देने के लिए वहां पहुंचीं थीं। इसकी भनक लगते ही सैकड़ों मुस्लिम युवक मस्जिद की ओर बढ़ गए और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने समय रहते हालात को बिगड़ने से बचा लिया।
मीरा राठौर इससे ताजमहल को शिवालय बताकर सावन के महीने में जलाभिषेक की कोशिशें करती रही हैं। आज वे अपने समर्थकों के साथ जामा मस्जिद पर पहुंचीं। उनके साथ समर्थक भी थे। मीरा राठौर का कहना था कि बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने अपील की है कि सभी धर्मस्थलों पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा भी स्थापित होना चाहिए। इसी क्रम में वे सभी धर्मों के धार्मिक स्थलों पर जाकर तिरंगा दे रही हैं। गुरुद्वारा और चर्च तथा श्रीमनःकामेश्वर मठ में तिरंगा भेंट करने के बाद वे इसी उद्देश्य से जामा मस्जिद पहुंची थीं। मस्जिद को बंद देखकर मीरा राठौर और अन्य लोग वापस लौट गये।
जिस समय ये लोग जामा मस्जिद पर पहुंचे, मस्जिद के गेट पहले से ही बंद थे और बाहर पुलिस भी तैनात थी। इन लोगों के मस्जिद के सामने पहुंचने क बाद मुस्लिम समाज के लोग खासकर युवक भी मस्जिद की ओर बढ़ने लगे। देखते ही देखते हालात तनावपूर्ण होने लगे। तत्काल थाना मंटोला पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों को समझाकर बड़े ही सूझबूझ के साथ स्थिति को नियंत्रित किया, जिससे संभावित टकराव टल गया।
इस घटना के बाद इस्लामिया लोकल एजेंसी (जामा मस्जिद कमेटी) के उपाध्यक्ष मोहम्मद शरीफ कुरैशी उर्फ काला ने कहा कि समय-समय पर कुछ अवांछनीय तत्व जामा मस्जिद को लेकर शहर की फ़िज़ां खराब करने की कोशिश करते रहते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मीरा राठौर और उनके समर्थकों के खिलाफ विधिक कार्यवाही की जाए।
हिंदुस्तानी बिरादरी के अध्यक्ष और भारत सरकार द्वारा कबीर पुरस्कार से सम्मानित डॉ. सिराज कुरैशी ने कहा है कि आगरा की मोहब्बत और सुलहकुल की पहचान पर किसी भी तरह का कलंक नहीं लगने देंगे। उन्होंने पुलिस की तत्परता की सराहना की।
हिंदुस्तानी बिरादरी के उपाध्यक्ष विशाल शर्मा और महासचिव विजय उपाध्याय ने कहा कि ऐसे तत्व शहर की मोहब्बत को कलंकित करने की साज़िश करते हैं और प्रशासन को दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। सचिव जियाउद्दीन ने आगरा को विश्वभर में प्रेम और एकता का प्रतीक बताते हुए कहा कि नफ़रत और वैमनस्य की यहाँ कोई जगह नहीं और बिरादरी हर हाल में भाईचारे की परंपरा को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।