ये पुलिस सुधरती क्यों नहीं है, सरेराह युवक के हाथों पिटी युवती की रिपोर्ट तक नहीं लिखी जा रही

आगरा। थाना एत्मादुद्दौला क्षेत्र में एक युवती पर हमला करने वाले युवक के खिलाफ चार दिन बीत जाने के बाद भी कोई पुलिस कार्रवाई नहीं हुई है। आरोपी खुलेआम घूम रहा है, जबकि पीड़िता मानसिक तनाव और भय में जी रही है। सवाल ये है कि पुलिस आखिर सुधरती क्यों नहीं है। क्यों महिलाओं के मामले में भी संवेदनशीलता नहीं दिखाती।

Aug 1, 2025 - 13:06
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ये पुलिस सुधरती क्यों नहीं है, सरेराह युवक के हाथों पिटी युवती की रिपोर्ट तक नहीं लिखी जा रही

पीड़िता का कहना है कि वह 28 जुलाई को लायर्स कॉलोनी स्थित एक कार शोरूम से ड्यूटी खत्म कर लौट रही थी। तभी उसे कालिंदी विहार निवासी सचिन पुत्र राज बहादुर का धमकी भरा फोन आया। सचिन ने उसे रास्ते में रुकने को मजबूर किया और उसके रुकते ही हाथ पकड़कर ऑटो से जबरन बाहर खींच लिया।

पीड़िता ने बताया कि सचिन ने न सिर्फ मारपीट की, बल्कि मोबाइल फोन से उसके चेहरे पर हमला किया जिससे उसे चोटें आईं। घटना ट्रांस यमुना इलाके में हुई। पीड़िता ने तत्काल पुलिस थाने में सूचना दी। गिरफ्तारी तो दूर, आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की गई।

सवाल यह उठता है कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डीजीपी द्वारा स्पष्ट निर्देशों के बावजूद स्थानीय थानों में कार्रवाई में इतनी ढिलाई और असंवेदनशीलता क्यों बरती जा रही है?

इस घटना से जुड़ी पुलिस की निष्क्रियता एक बार फिर थाना स्तर पर जवाबदेही की पोल खोल रही है। शहर में सरेराह हमला, महिला पर हिंसा और आरोपी की खुली छूट, यह दर्शाता है कि पुलिस महिलाओं को लेकर भी संवेदनशील नहीं है। थाना स्तर पर लापरवाही आम होती जा रही है। जब तक मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक नहीं पहुंचता, एफआईआर भी दर्ज नहीं होती।

अब सवाल यह है कि क्या सिर्फ दिखावटी कदमों से महिला सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है? जब तक जमीनी स्तर पर जिम्मेदारों को दंड नहीं मिलेगा, तब तक पीड़ितों को न्याय मिलना मुश्किल ही रहेगा।

SP_Singh AURGURU Editor