महिला अपराधों पर शिकंजा क्यों ढीला? आगरा में एक के बाद एक घटनाएं, सवालों के घेरे में कानून का डर

आगरा जनपद में महिला अपराधों से जुड़े हालिया मामलों ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या अपराधियों में अब कानून का डर खत्म हो गया है? एक ओर जहां ब्लैकमेलिंग, यौन शोषण, धोखाधड़ी और संपत्ति हड़पने जैसे संगीन अपराध सामने आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरेराह छेड़खानी और अश्लील हरकतें आम होती जा रही हैं।

Jul 7, 2025 - 20:42
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महिला अपराधों पर शिकंजा क्यों ढीला? आगरा में एक के बाद एक घटनाएं, सवालों के घेरे में कानून का डर

इन घटनाओं में पीड़िताएं न केवल शारीरिक और मानसिक आघात झेल रही हैं, बल्कि न्याय की आस में सामाजिक अपमान का बोझ भी सह रही हैं। ताजा पांच मामलों के माध्यम से समझते हैं कि अपराधियों का दुस्साहस किस हद तक बढ़ चुका है।

प्लॉट हड़पने, गर्भपात और ब्लैकमेलिंग का दर्द

एक युवती ने आरोप लगाया है कि ईदगाह कॉलोनी निवासी अमित त्रिपाठी ने न केवल उसके पति को धोखे से उससे दूर कर दिया, बल्कि उसका प्लाट हड़प लिया, बलात्कार किया और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया। इस पूरे प्रकरण में नकली रजिस्ट्री, फर्जी प्रेम, और दो बार गर्भपात जैसे घिनौने कृत्य शामिल हैं। मामला ताजगंज थाने में दर्ज हो चुका है।

सार्वजनिक स्थल पर हाथ पकड़ने का दुस्साहस

एक युवती शाहगंज से लौट रही थी, तभी नौलक्खा चौराहे पर आरोपी आशीष यादव ने सरेआम स्कूटी रोककर उसका हाथ पकड़ लिया, छेड़खानी की और धमकी दी। जब पीड़िता ने भाई को फोन किया, तो फोन छीनकर उसे भी धमकाया गया। यह घटना बताती है कि अपराधी अब सार्वजनिक स्थलों पर भी बेखौफ हैं।

बाह से सदर बाजार तक पीछा करने का दुस्साहस

बाह क्षेत्र से दो बहनों का पीछा करते हुए दो युवकों ने सदर बाजार जैसे शहरी क्षेत्र में उन्हें रोका। पैर पर थूका और उनकी फोटो खींची और एडिट कर सोशल मीडिया पर डालने की धमकी दी। यह साइबर क्राइम और महिला सुरक्षा के मामले में एक गंभीर संकेत है। इस मामले के आरोपी आदित्य और भोलू तोमर हैं।

परिवार का सदस्य बनने के बाद दहेज के लिए उत्पीड़न

ताजगंज निवासी एक विवाहिता ने पति और ससुराल पक्ष के 10 लोगों के खिलाफ दहेज के लिए प्रताड़ित करने का मुकदमा दर्ज कराया है। इससे स्पष्ट है कि घरेलू हिंसा आज भी हमारे समाज की एक ज्वलंत समस्या बनी हुई है।

पड़ोसी ने किशोरी से की छेड़छाड़, मुकदमा दर्ज

थाना मलपुरा क्षेत्र में एक किशोरी की मां ने पड़ोसी मुकुल के खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, परंतु यह सवाल बना रहता है, ऐसे अपराध करने वालों को पुलिस का डर क्यों नहीं है।

क्या अपराधियों के मन से पुलिस का भय खत्म हो गया है?

इन मामलों से स्पष्ट होता है कि अपराधियों को अब शायद सजा की चिंता नहीं रही, तभी तो कोई प्रेम के नाम पर करोड़ों की ठगी करता है, कोई सड़क पर युवती को पकड़ लेता है, और कोई बहनों की फोटो से छेड़छाड़ कर उन्हें बदनाम करने की धमकी देता है।

महिला सुरक्षा को लेकर व्यवस्थित पुलिस कार्रवाई की सख्त जरूरत है। जब तक कड़ी सजा और तेज़ कार्रवाई का संदेश समाज में नहीं जाएगा, ऐसे अपराधों की पुनरावृत्ति होती रहेगी।

SP_Singh AURGURU Editor