क्या मोदी कैबिनेट से होगी राजनाथ सिंह की विदाई? रक्षा मंत्री को लेकर अटकलें तेज, सियासी गलियारों में लग रहे कयास

केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पद छोड़ने की चर्चाएं तेज हैं। संकेत हैं कि पारिवारिक राजनीतिक सक्रियता, उम्र और भविष्य की राजनीतिक भूमिका को देखते हुए वे स्वयं कैबिनेट से बाहर होने पर सहमत हैं। हालांकि, इस संबंध में सरकार या भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

Jul 8, 2026 - 13:06
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क्या मोदी कैबिनेट से होगी राजनाथ सिंह की विदाई? रक्षा मंत्री को लेकर अटकलें तेज, सियासी गलियारों में लग रहे कयास

नई दिल्ली। केंद्र सरकार में संभावित कैबिनेट फेरबदल को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। सबसे अधिक चर्चा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को लेकर हो रही है। सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि आगामी फेरबदल में वे केंद्रीय मंत्रिमंडल से अलग हो सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक न तो केंद्र सरकार और न ही भारतीय जनता पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है।

सूत्रों का कहना है कि संभावित बदलाव के लिए स्वयं राजनाथ सिंह भी सहमत बताए जा रहे हैं। इसके पीछे प्रमुख कारण उनके दोनों पुत्रों की सक्रिय राजनीतिक भूमिका को माना जा रहा है।

दोनों बेटे राजनीति में सक्रिय, परिवारवाद की चर्चा भी

राजनाथ सिंह के बड़े पुत्र पंकज सिंह वर्तमान में उत्तर प्रदेश के नोएडा विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। वहीं छोटे पुत्र नीरज सिंह को हाल ही में उत्तर प्रदेश भाजपा का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा लंबे समय से परिवारवाद के मुद्दे पर विपक्ष को घेरती रही है। ऐसे में यदि भाजपा में भी एक ही परिवार के कई सदस्य एक साथ महत्वपूर्ण राजनीतिक पदों पर सक्रिय रहते हैं तो विपक्ष को भाजपा पर भी परिवारवाद का आरोप लगाने का अवसर मिल सकता है। इसी संदर्भ में यह चर्चा चल रही है कि राजनाथ सिंह स्वयं मंत्रिमंडल से अलग होने के पक्ष में हैं। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

12 वर्षों से मोदी सरकार के सबसे वरिष्ठ चेहरों में शामिल

राजनाथ सिंह वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बनी पहली सरकार में केंद्रीय गृह मंत्री बने थे। वर्ष 2019 में दूसरी मोदी सरकार के गठन के बाद उन्हें रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई, जिसे वे वर्तमान तक संभाल रहे हैं।

लगातार 12 वर्षों से केंद्रीय मंत्रिमंडल के महत्वपूर्ण सदस्य रहे राजनाथ सिंह को प्रधानमंत्री मोदी के सबसे वरिष्ठ और भरोसेमंद सहयोगियों में गिना जाता है। सरकार में उन्हें लंबे समय से नंबर दो की हैसियत वाला नेता भी माना जाता रहा है।

75 वर्ष की आयु पूरी, नई भूमिका की अटकलें

राजनाथ सिंह 75 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं। इसे भी संभावित बदलाव की चर्चाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि भाजपा ने कभी भी सार्वजनिक रूप से किसी निर्धारित आयु सीमा को सभी पदों पर समान रूप से लागू होने की आधिकारिक नीति नहीं बताया है।

लखनऊ सीट छोड़ने की भी चर्चा

सूत्रों के अनुसार यदि राजनाथ सिंह केंद्रीय मंत्रिमंडल से बाहर होते हैं तो वे लखनऊ लोकसभा सीट भी छोड़ सकते हैं। ऐसी स्थिति में उपचुनाव होने पर उनके छोटे पुत्र नीरज सिंह को भाजपा उम्मीदवार बनाए जाने की भी राजनीतिक चर्चाएं चल रही हैं। फिलहाल यह केवल राजनीतिक अटकलों का हिस्सा है और पार्टी की ओर से कोई संकेत नहीं दिया गया है।

राष्ट्रपति पद की संभावनाओं पर भी कयास

राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी सुनाई दे रही है कि वर्ष 2027 में द्रौपदी मुर्मु का कार्यकाल पूरा होने के बाद भाजपा राजनाथ सिंह को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बना सकती है। हालांकि इस संबंध में भी न तो भाजपा और न ही सरकार की ओर से कोई आधिकारिक संकेत या पुष्टि की गई है।

अगर बदलाव हुआ तो अमित शाह की भूमिका और मजबूत हो सकती है

यदि भविष्य में राजनाथ सिंह मंत्रिमंडल से बाहर होते हैं तो केंद्र सरकार में अमित शाह की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि उन्हें उप प्रधानमंत्री बनाया जा सकता है। हालांकि इस दावे की भी किसी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

आधिकारिक स्थिति क्या है?

फिलहाल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मंत्रिमंडल छोड़ने, लोकसभा सीट खाली करने, राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनने या अमित शाह को उप प्रधानमंत्री बनाए जाने संबंधी सभी बातें राजनीतिक सूत्रों और चर्चाओं पर आधारित हैं। केंद्र सरकार या भाजपा ने इनमें से किसी भी संभावना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ऐसे में संभावित कैबिनेट विस्तार या फेरबदल तक इन दावों को अटकलों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

SP_Singh AURGURU Editor