लेखपालों के पर कतरे गये, अब राजस्व मामलों की जांच नायब तहसीलदार करेंगे, सीएम योगी ने खुद लिया संज्ञान

आगरा। उत्तर प्रदेश में राजस्व मामलों को लेकर लगातार बढ़ती जनशिकायतों और लेखपालों की मनमानी पर अब शासन ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश के बाद शासन ने एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लेते हुए लेखपालों को राजस्व मामलों की जांच प्रक्रिया से पूरी तरह बाहर कर दिया है। अब यह जिम्मेदारी नायब तहसीलदारों को सौंपी गई है।

Jul 5, 2025 - 18:17
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लेखपालों के पर कतरे गये, अब राजस्व मामलों की जांच नायब तहसीलदार करेंगे, सीएम योगी ने खुद लिया संज्ञान

इस आशय का एक आदेश अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल के स्तर से सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को भेजा गया है। आदेश के अनुसार, अब किसी भी राजस्व प्रकरण की जांच नायब तहसीलदार करेंगे और शिकायतकर्ता को व्यक्तिगत रूप से सुनने के बाद ही जांच रिपोर्ट देंगे। अंतिम निर्णय उप जिलाधिकारी (एसडीएम) द्वारा लिया जाएगा।

अब तक राजस्व विवाद, पैमाइश और अन्य भूमि विवादों की जांच लेखपाल करते थे। उन्हीं की रिपोर्ट के आधार पर निर्णय भी होते थे, लेकिन आम जनता की शिकायत थी कि लेखपाल पक्षपात, भ्रष्टाचार, और राजनीतिक दबाव में गलत रिपोर्ट बना देते थे, जिससे निर्दोष नागरिकों को वर्षों तक न्याय के लिए भटकना पड़ता था। तमाम गांवों में तो लेखपाल की एकतरफा कार्यवाही के कारण तनाव और झगड़े तक की स्थिति बनती रही हैं।

मुख्यमंत्री को जनता दर्शन में मिल रहीं थीं लगातार शिकायतें

यह कदम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस संज्ञान का परिणाम है, जिसमें जनता दर्शन के दौरान उन्हें बार-बार लेखपालों की मनमानी और भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही थीं। मुख्यमंत्री ने पहले भी इस पर चेतावनी दी थी, लेकिन सुधार नहीं होने के कारण अब उन्होंने प्रत्यक्ष हस्तक्षेप कर यह निर्णायक कार्रवाई करवाई।

शासन के इस नए आदेश से यह उम्मीद की जा रही है कि अब ग्रामीण और शहरी नागरिकों को राजस्व मामलों में निष्पक्ष और त्वरित न्याय मिलेगा। साथ ही लेखपालों के असीमित अधिकारों पर अंकुश लगेगा और प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ेगी।

SP_Singh AURGURU Editor