बिना वसीयत के नामित व्यक्ति होता है केवल ट्रस्टी, नहीं मिलती पूर्ण संपत्ति पर स्वामित्व
आगरा। द इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की आगरा शाखा और लघु उद्योग भारती के संयुक्त तत्वावधान में होटल पीएल पैलेस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के सेमिनार में तीन सत्रों के माध्यम से व्यवसाय, कर व्यवस्था, उत्तराधिकार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे अहम विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से विचार रखे। सेमिनार में भाग लेने वाले उद्यमियों और पेशेवरों को न सिर्फ व्यवसायिक योजनाओं की जानकारी मिली, बल्कि उत्तराधिकार, कर अधिकारों और तकनीकी नवाचारों से जुड़ी दिशा भी प्राप्त हुई।
-अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर सेमिनार में विशेषज्ञों ने दिए व्यवसाय, उत्तराधिकार और तकनीक से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव
कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड के अध्यक्ष राकेश गर्ग, एसजीएसटी के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन प्रकाश गांधी, लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष विजय गुप्ता, सचिव राजीव बंसल, कोषाध्यक्ष संजीव जैन, सीए आगरा शाखा अध्यक्ष गौरव सिंघल, सचिव अंकित मित्तल, कोषाध्यक्ष करन पंजवानी और सिकासा अध्यक्ष आयुष गर्ग द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
उत्तराधिकार पर चर्चा: नामित व्यक्ति है सिर्फ ट्रस्टी
पहले सत्र में विशेषज्ञों ने एमएसएमई योजनाओं, नीतियों और व्यवसाय के उत्तराधिकार से जुड़े बिंदुओं पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि बिना वसीयत के किसी भी संपत्ति पर नामित व्यक्ति को मालिक नहीं, बल्कि मात्र एक ट्रस्टी माना जाता है। सम्पत्ति का वास्तविक उत्तराधिकारी उत्तराधिकार कानूनों के आधार पर ही तय होता है।
जीएसटी में तलाशी के समय अधिकार और कर्तव्य
दूसरे सत्र में जीएसटी जांच, तलाशी और जब्ती की प्रक्रिया के दौरान करदाता के अधिकार और कर्तव्यों पर चर्चा की गई। इसमें बताया गया कि लघु उद्योग निगम द्वारा जीएसटी के प्रावधानों में कई आवश्यक सुधारों में योगदान दिया गया है।
व्यवसाय में तकनीकी बदलाव और एआई का उपयोग
तीसरे सत्र में व्यवसाय में तकनीक के बढ़ते प्रयोग विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभावों पर चर्चा हुई। सीए नितेश गुप्ता, नव्या मल्होत्रा और आलोक सेठी (अजमेर) ने उदाहरणों के माध्यम से बताया कि कैसे एआई से व्यापार में दक्षता और निर्णय क्षमता को बढ़ाया जा सकता है।
सेमिनार का संचालन सीए मानवी मित्तल और दिव्यांशु जैन ने किया, जबकि साक्षी जैन ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। इस अवसर पर सौरभ नारायण सक्सेना, सचिन बुबना, सीए आलोक जैन सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।