ट्रांस यमुना में कब्जे के विवाद में घायल हुई महिला, जांच के बाद चार पुलिसकर्मी निलंबित
आगरा। ट्रांस यमुना क्षेत्र में एक विवादित मकान पर कब्जा कराने पहुंचे पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में एक महिला के छत से गिरने की घटना अब पुलिस पर ही भारी पड़ गई है। पूरे मामले में जांच रिपोर्ट आने के बाद डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है।
सस्पेंड किए गए पुलिसकर्मी हैं राजकुमार गोस्वामी, निखिल, मनोज और शैलेन्द्र। इन पर पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया था कि गर्भवती महिला को पुलिसकर्मियों ने छत से नीचे फेंका था, जिससे वह घायल हो गई थी।
कब्जे की कार्रवाई में पहुंची थी पुलिस, हुआ बवाल
18 जुलाई की दोपहर करीब एक बजे आयुष विहार स्थित एक मकान पर कब्जा दिलाने के लिए महिला बबली देवी पुलिस टीम को साथ लेकर पहुंची थी। बबली का प्रेमलता पत्नी शिशुपाल से विवाद चल रहा है, जो उस मकान में रह रही थीं।
प्रेमलता का कहना है कि उन्होंने करीब एक साल पहले मकान बबली को बेचा था। बबली ने 1.11 लाख एडवांस दिए थे जबकि बाकी 7.70 लाख के चेक दिए थे जो बाउंस हो गये। शेष रकम अब तक नहीं मिली। ऐसे में बैनामा नहीं हुआ और मामला कोर्ट में लंबित है। इसके बावजूद पुलिस मकान पर अवैध रूप से कब्जा दिलाने पहुंचे थे।
जबरन घुसी पुलिस, बहू को छत से गिराने का आरोप
घटना के समय घर में प्रेमलता की बहू अकेली थी। उसने दरवाजा नहीं खोला तो पुलिस पड़ोसी की छत से मकान में घुस गई। बहू ने उन्हें रोकने की कोशिश की, मगर पुलिस ने कथित तौर पर धक्का-मुक्की की। इसी दौरान वह छत से नीचे गिर गई और गंभीर रूप से घायल हो गई।
पहले एसीपी ने झूठी बताई थी घटना, अब चार पर गिरी गाज
प्रेमलता के आरोपों को एसीपी ने तत्कालीन वक्त में यह कहकर खारिज कर दिया था कि महिला खुद डर के कारण छत से कूदी है। मगर डीसीपी सिटी को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इसके आधार पर चारों को निलंबित कर दिया गया।