आगरा में महिला की घिनौनी हरकतः किशोरी को दरिंदों के हवाले किया, पुलिस ने मुक्त कराई
आगरा। आगरा में एक पड़ोसन महिला ने भरोसे का क़त्ल करते हुए एक किशोरी को न केवल किडनैप किया बल्कि उसे जिस्मफरोशी के अंधेरे में धकेल दिया। एक महीने तक यह किशोरी दरिदंगी झेलती रही। शाहगंज पुलिस ने किशोरी को हैवानों के चंगुल से मुक्त कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मामले में महिला सहित तीन लोगों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पीड़िता की मां ने बुधवार को थाना शाहगंज में तहरीर दी और बताया कि 13 अगस्त को पूर्वाह्न करीब 11 बजे पड़ोसन चंचल पत्नी सौरभ उसकी 15 वर्षीय बेटी को सिलाई की मशीन दिलाने के बहाने से अपने साथ ले गई थी। उसके बाद बेटी घर नहीं लौटी। जब उन्होंने चंचल से बेटी के बारे में पूछा तो वह भी रहस्यमय तरीके से गायब हो गई।
किशोरी के परिजन अपने स्तर से ही उसकी तलाश में लगे हुए थे। 11 सितंबर को रात करीब 10-11 बजे पीड़ित किशोरी ने अपनी मौसी को फ़ोन कर बताया कि वह रोहता में मनमोहन के घर में कैद है। वह फ़ोन पर रो रही थी और बंधन मुक्त कराने की गुहार लगा रही थी।
परिवारीजनों ने इस बारे में थाना शाहगंज पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने 14 सितंबर को किशोरी द्वारा बताए गए स्थान पर छापेमारी कर उसे आरोपियों के बंधन से मुक्त करा लिया। मुक्त होने बाद पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में किशोरी ने बताया कि मनमोहन और उसका साथी संदीप पुत्र मुकेश पिछले एक माह से रोज उसके साथ गलत काम किया करते थे।
पड़ोसन चंचल इस षडयंत्र में शामिल थी। उसी ने किशोरी को दरिंदों के हवाले किया था। पुलिस ने किशोरी को मुक्त कराने के बाद चंचल, मनमोहन और संदीप के ख़िलाफ़ पॉस्को एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया है।
थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है। पुलिस आरोपियों के खिलाफ सारे सबूत, बयान और मेडिकल कराने में जुटी है।