महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव में महिलाओं का शक्ति प्रदर्शन; मेहंदी, गोद भराई और सांस्कृतिक झलकियों से गूंजा मोती कटरा
आगरा। मोती कटरा स्थित संत निलय जत्ती कटरा में चल रहे 2625वें भगवान महावीर स्वामी जन्म कल्याणक महामहोत्सव के दूसरे दिन महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने पूरे आयोजन को जीवंत और भव्य बना दिया। मेहंदी उत्सव, गोद भराई रस्म और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने श्रद्धा और परंपरा का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 1 बजे मेहंदी उत्सव से हुई, जिसमें महोत्सव के पात्रों और महिलाओं के हाथों पर सुंदर मेहंदी रचाई गई। पूरे परिसर में उत्साह और उमंग का माहौल देखते ही बन रहा था।
इसके पश्चात माता त्रिशला (चीना जैन) की गोद भराई की रस्म पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई। महिलाओं ने मंगल गीत गाकर इस आयोजन को भक्ति और संस्कृति का अनुपम रूप दे दिया।
महोत्सव का मुख्य आकर्षण रहा आगरा के लगभग 25 महिला मंडलों द्वारा प्रस्तुत भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम।
इनमें वात्सल्य ज्ञान वरदानी पाठशाला मोती कटरा, मोती कटरा महिला मंडल, छीपीटोला, मोती कटरा बड़ा मंदिर, स्वास्तिक महिला मंडल जयपुर हाउस, वात्सल्य सेवा समिति, सेक्टर-7, सरलाबाग, नुनिहाई सहित अनेक मंडलों ने भाग लिया।
नृत्य, भजन और धार्मिक झांकियों के माध्यम से भगवान महावीर स्वामी के जीवन प्रसंगों को जीवंत किया गया। हर प्रस्तुति पर दर्शकों की तालियों की गूंज पूरे परिसर में सुनाई देती रही।
कार्यक्रम के समापन पर सामूहिक वात्सल्य भोज का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
पूरे दिन संत निलय जत्ती कटरा परिसर भक्ति, संस्कृति और उत्सव के रंग में रंगा रहा।
कार्यक्रम का संचालन रथयात्रा संयोजक एवं महामंत्री अनंत कुमार जैन द्वारा किया गया।
मीडिया प्रभारी शुभम जैन ने बताया कि भगवान महावीर स्वामी की जन्म कल्याणक शोभायात्रा श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर, हनुमान चौराहा मोती कटरा से प्रातः 8 बजे प्रारंभ होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई एमडी जैन इंटर कॉलेज पहुंचेगी।
इस अवसर पर महावीर प्रसाद जैन, अनंत कुमार जैन, अजीत प्रसाद जैन, मनोज जैन बल्लो, अरुण पाटनी, संजीव जैन, रविंद्र जैन, गिरीश जैन, शुभम जैन, शशि सेठी, जयंती जैन, प्रगति जैन, रश्मि जैन, भावना जैन, अर्चना जैन, अरुणा जैन, नीलम जैन, मधु जैन, सपना जैन सहित मोती कटरा एवं समग्र जैन समाज के सैकड़ों लोग मौजूद रहे।