फर्जी सूचना देकर जीता चुनाव, कोर्ट ने नगर पंचायत अध्यक्ष का निर्वाचन रद्द किया, चुनाव लड़ने पर भी रोक
-राजीव शर्मा- शाहजहांपुर। न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए मीरापुर कटरा नगर पंचायत अध्यक्ष मुख्तार अहमद का निर्वाचन रद्द कर दिया है। अदालत ने माना कि मुख्तार अहमद ने नामांकन के दौरान अपने विरुद्ध दर्ज मुकदमों की जानकारी मतदाताओं से छिपाई थी। इसी आधार पर उन्हें दोषी पाते हुए न केवल अध्यक्ष पद से अपदस्थ किया गया, बल्कि अगले चार वर्षों तक किसी भी चुनाव में भाग लेने पर भी रोक लगा दी गई है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता आशीष त्रिपाठी ने बताया कि मीरापुर कटरा निवासी सोनम गुप्ता और पूजा कसाना ने 30 मई 2023 को अपर जिला सत्र न्यायाधीश आशीष वर्मा की अदालत में चुनाव याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर निर्वाचित मुख्तार अहमद के खिलाफ पीलीभीत सहित अन्य जनपदों में सात मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से तीन मामलों में उन्हें दोषी ठहराया जा चुका है।
अभियोजन पक्ष ने यह भी बताया कि मुख्तार अहमद ने स्वयं एक मुकदमे में चोरी की घटना तथा दूसरे मुकदमे में चाकू रखने की बात स्वीकार की थी। बावजूद इसके उन्होंने नामांकन पत्र में आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई और मतदाताओं को अपनी छवि को लेकर भ्रमित किया। इस तरह उन्होंने मतदाताओं को "साफ-सुथरी छवि" का व्यक्ति बताकर उनके मत प्राप्त किए।
न्यायालय ने नगर पालिका अधिनियम की धारा 28 के तहत मुख्तार अहमद के आचरण को भ्रष्ट आचरण करार देते हुए निर्वाचन रद्द करने का आदेश दिया। साथ ही, उनके भविष्य के राजनीतिक अधिकारों पर भी अंकुश लगाते हुए चार वर्षों तक किसी भी चुनाव में भाग लेने पर रोक लगा दी है।
शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि सोनम गुप्ता भाजपा प्रत्याशी के रूप में तीसरे स्थान पर रहीं, जबकि पूजा कसाना फॉरवर्ड पार्टी की प्रत्याशी के रूप में दूसरे स्थान पर थीं। दोनों ने अदालत से न्याय की गुहार लगाई थी कि विजेता उम्मीदवार ने मतदाताओं को भ्रम में रखकर विजय प्राप्त की है। अदालत ने तर्कों को सही पाते हुए याचिका स्वीकार कर ली और मुख्तार अहमद की जीत को अवैध घोषित कर दिया।