हर हाथ को काम, हर हुनर को सम्मान: 'उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन' के गठन को योगी कैबिनेट की मंजूरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को देश-विदेश में रोजगार से जोड़ने के लिए एक ऐतिहासिक पहल करते हुए ‘उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन’ के गठन को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में कुल 30 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई, जिसमें यह मिशन प्रमुख रहा। इसके तहत एक वर्ष में देश में एक लाख और विदेशों में 25 से 30 हजार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया गया है।

Jul 3, 2025 - 16:39
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हर हाथ को काम, हर हुनर को सम्मान: 'उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन' के गठन को योगी कैबिनेट की मंजूरी

युवाओं को मिलेगा वैश्विक मंच, अब सीधे विदेशों में मिलेगा रोजगार

श्रम एवं सेवायोजन विभाग के अधीन गठित होने वाला यह मिशन देश के साथ-साथ विदेशों में रोजगार दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को ‘रिक्रूटिंग एजेंट’ (RA) का लाइसेंस प्राप्त करने में सक्षम बनाएगा। इसके जरिए अब विदेशों में रोजगार के लिए अन्य एजेंसियों पर निर्भरता खत्म होगी, और प्रदेश के युवा सीधे सरकार की देखरेख में वैश्विक अवसरों से जुड़ सकेंगे।

स्किल, भाषा और करियर काउंसलिंग का समन्वय

मिशन के अंतर्गत केवल रोजगार ही नहीं, बल्कि युवाओं को स्किल गैप एनालिसिस, भाषा प्रशिक्षण, पूर्व-प्रस्थान ओरिएंटेशन, करियर काउंसलिंग, कैंपस प्लेसमेंट, और प्लेसमेंट के बाद सहायता जैसी सेवाएं भी मिलेंगी। यह पहल युवाओं को न सिर्फ नौकरियों तक पहुंचाएगी, बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी भी बनाएगी।

पांच स्तरीय संरचना के साथ मिशन का गठन

‘उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन’ को सोसायटी रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1860 के तहत पंजीकृत कर एक उच्च स्तरीय संस्था के रूप में स्थापित किया जाएगा। इसकी कार्यप्रणाली निम्नलिखित पांच प्रमुख इकाइयों के माध्यम से संचालित होगी। ये हैं- शासी परिषद, राज्य संचालन समिति, राज्य कार्यकारिणी समिति, राज्य कार्यक्रम प्रबंधन इकाई, जिला कार्यकारिणी समिति।

महिला सशक्तिकरण को मिला नया आयाम

कैबिनेट ने महिलाओं को सभी 29 खतरनाक श्रेणी के कारखानों में विशेष शर्तों के साथ कार्य की अनुमति दे दी है। अब तक यह कार्य महिलाओं के लिए प्रतिबंधित था। श्रम मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि यह निर्णय तकनीकी विस्तार और उद्योगों की मांग को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिससे महिलाएं अब उद्योग क्षेत्र में भी नई भूमिका निभा सकेंगी।

लखनऊ से गाजीपुर तक नया लिंक एक्सप्रेसवे, यात्रा होगी और तेज

एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय के तहत आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले 49.96 किमी लंबे छह लेन ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण को भी मंजूरी मिली है। यह परियोजना ईपीसी मॉडल पर लगभग ₹4775.84 करोड़ की लागत से निर्मित की जाएगी और भविष्य में इसे आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा।

यह लिंक लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, गाजीपुर जैसे पूर्वांचल के प्रमुख शहरों तक यात्रा को सुगम, त्वरित और बाधारहित बनाएगा, साथ ही लखनऊ शहर के भीतर यातायात दबाव को भी कम करेगा। औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने बताया कि यह परियोजना एक्सप्रेसवे ग्रिड नेटवर्क का हिस्सा है, जो पूरे उत्तर प्रदेश को सड़क नेटवर्क से कुशलतापूर्वक जोड़ेगा।

उत्तर प्रदेश बनेगा ग्लोबल एचआर हब

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि यह मिशन योगी सरकार के उस वादे को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम है, जिसमें कहा गया था "हर हाथ को काम और हर हुनर को सम्मान।" इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश को ग्लोबल ह्यूमन रिसोर्स सप्लाई हब बनाना है, जहां से कुशल मानव संसाधन दुनिया के अलग-अलग कोनों तक भेजे जा सकें।

SP_Singh AURGURU Editor