आगरा कॉलेज में बायोइन्फॉर्मेटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विषय पर कार्यशाला, छात्रों को दी गई आधुनिक तकनीकों की जानकारी
आगरा। आधुनिक विज्ञान और तकनीक के समागम को नई दिशा देने के उद्देश्य से आगरा कॊलेज के जंतु विज्ञान विभाग में शनिवार को “बायोइन्फॉर्मेटिक्स: ऑनलाइन रिसोर्सेस एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” विषय पर एक प्रभावशाली एवं ज्ञानवर्धक कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को नवीनतम तकनीकों से रूबरू कराते हुए उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम एवं विभागाध्यक्ष प्रो. अमिता सरकार द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस दौरान शिक्षकों एवं विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
मुख्य वक्ता ने AI की दुनिया से कराया परिचय
कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित डॉ. शुभेंदु त्रिपाठी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने विद्यार्थियों को AI आधारित विभिन्न एप्लिकेशन्स, उनके उपयोग और भविष्य की संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी, जिससे छात्रों में नई तकनीकों को सीखने का उत्साह बढ़ा।
मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान विभाग के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। ये हैं- सुधि सिंह अवॉर्ड: अंशिका यादव, अनुराग, मां शारदे अवार्ड: श्रद्धा अग्रवाल, मां बगीशा अवार्ड: दीपिका भदौरिया, हिमांशी शर्मा (एमएससी प्रथम वर्ष में उच्चतम अंक), मां वागदेवी प्रमाणपत्र: निधि, इतिशा सिंह, तन्वी गोरख, निशा, गंगाधर शास्त्री अवार्ड: पल्लवी (एमएससी फाइनल में उच्चतम अंक) , सर्वविद्या पंक्चुअलिटी अवार्ड: अनुष्का उपाध्याय।
कार्यक्रम में प्रो. रचना सिंह, प्रो. वी. के. सिंह, प्रो. गौरव कौशिक, प्रो. कल्पना चतुर्वेदी, प्रो. आशीष, प्रो. अल्पना ओझा, प्रो. सुमन कपूर, प्रो. डी. पी. सिंह, डॉ. अमित यादव, प्रो. गीता माहेश्वरी, डॉ. जिनेश कुमार, डॉ. केशव सिंह, डॉ. आनंद कुमार सिंह, डॉ. हरेंद्र नाथ शर्मा एवं डॉ. विष्णु शर्मा सहित अनेक प्राध्यापकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
सांस्कृतिक प्रस्तुति ने बांधा समां
कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भी देखने को मिला, जब प्रो. विश्वाकांत गुप्ता ने अपनी मधुर आवाज में गीत प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. माधुरी यादव एवं डॉ. सत्यदेव शर्मा ने किया, जबकि अंत में डॉ. अचिंत वर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत कर कार्यशाला का समापन किया।