प्रिल्यूड में वर्कशॊपः डॉ. रक्षित टंडन ने साइबर अपराध से डिजिटल डिमेंशिया तक बचने के उपाय बताए
आगरा। प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल में आयोजित साइबर जागरूकता कार्यशाला में प्रसिद्ध साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. रक्षित टंडन ने छात्रों को आज के डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों से सतर्क रहने की सीख दी। उन्होंने अत्यधिक स्क्रीन समय के कारण होने वाली ‘डिजिटल डिमेंशिया’ जैसी समस्याओं पर प्रकाश डाला और बच्चों में पनप रही डिजिटल लत व सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभावों के प्रति आगाह किया।
वेबसाइट प्रामाणिकता और हैकिंग से बचाव के तरीके
डॉ. टंडन ने प्रजेंटेशन के माध्यम से छात्रों को सिखाया कि किसी भी वेबसाइट की प्रामाणिकता कैसे जांची जाए, मैलवेयर एपीके फाइलों से हैकिंग से कैसे बचा जाए और कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम की पहचान कैसे की जाए। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी इन तरीकों से लोगों की निजी जानकारी चुराकर उन्हें आर्थिक और मानसिक नुकसान पहुंचाते हैं।
डीपफेक स्कैम और पासवर्ड सुरक्षा
सत्र के दौरान छात्रों को डीपफेक स्कैम के खतरों के बारे में भी जागरूक किया गया। डॉ. टंडन ने कॉर्पोरेट डेटा ब्रीच के माध्यम से पासवर्ड लीक होने के मामलों पर चर्चा की और ऐसे सरल टूल्स की जानकारी दी, जिनसे कोई भी जांच सकता है कि उसका पासवर्ड सेफ है या नहीं।
वास्तविक मामलों से मिली सीख
डॉ. टंडन ने अपने अनुभव से जुड़े कई वास्तविक साइबर अपराध मामलों का विवरण साझा किया, जिससे छात्रों को इन खतरों की गंभीरता का अंदाजा हुआ। पूरे सत्र को उन्होंने प्रासंगिक और रोचक उदाहरणों से जीवंत बना दिया।
प्रश्नोत्तरी में मिले समाधान
कार्यशाला का समापन एक इंटरएक्टिव प्रश्नोत्तरी सत्र के साथ हुआ, जिसमें छात्रों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े सवाल पूछे और समाधान सीखे। विद्यालय के निदेशक डॉ. सुशील गुप्ता और प्रधानाचार्य अरविंद श्रीवास्तव ने नवांकुर भेंट कर डॉ. टंडन का स्वागत किया। कार्यक्रम में डॉ. रश्मि गांधी ने विद्यालय की ओर से आभार व्यक्त किया।