विश्व सर्प दिवस: आगरा में अब तक 100 सांपों का रेस्क्यू, बारिश में छिपे खतरे से न डरें, समझें  और सहयोग करें

आगरा। 16 जुलाई को विश्व सर्प दिवस है। इस अवसर पर वाइल्डलाइफ एसओएस ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। मानसून की शुरुआत से अब तक, संस्था ने आगरा और आसपास के क्षेत्रों से लगभग 100 सांपों के बचाव की घटनाएं दर्ज की हैं।

Jul 15, 2025 - 18:52
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विश्व सर्प दिवस: आगरा में अब तक 100 सांपों का रेस्क्यू, बारिश में छिपे खतरे से न डरें, समझें  और सहयोग करें

संस्था ने बताया कि जून से मध्य जुलाई के बीच भारी बारिश के चलते सांपों के प्राकृतिक आवास जलमग्न हो गए, जिससे ये जीव घरों, स्कूलों, गोदामों, सार्वजनिक स्थानों तक पहुंचने लगे। यह स्थिति जहां आमजन के लिए चिंता का कारण बनी, वहीं बढ़ती जनजागरूकता के चलते लोग इन्हें मारने की बजाय वाइल्डलाइफ एसओएस की हेल्पलाइन (+91 9917109666) पर कॉल करके सुरक्षित रेस्क्यू करा रहे हैं।

सांपों के प्रति दृष्टिकोण में बदलाव
वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा, लोग अब डरकर प्रतिक्रिया देने के बजाय समझदारी दिखा रहे हैं। यह बदलाव प्रकृति और जीवों के संतुलन के लिए अनिवार्य है।

रेस्क्यू की गई प्रमुख प्रजातियां

34 भारतीय रैट स्नेक।

23 स्पेक्टेक्ल्ड कोबरा।

21 कॉमन वुल्फ स्नेक।

अन्य स्थानीय प्रजातियां भी शामिल।

सांपों का पारिस्थितिक महत्व
संस्था की सह-संस्थापक गीता शेषमणि ने कहा, सांप न केवल फसलों को बचाने में सहायक हैं, बल्कि पर्यावरण में जैविक संतुलन बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं।

सांपों को लेकर फैले भ्रम पर प्रहार
संस्थान के डायरेक्टर कंज़रवेशन प्रोजेक्ट्स और सर्प विशेषज्ञ बैजूराज एम.वी. ने बताया, अधिकांश सांप विषैले नहीं होते और वे इंसानों से बचते हैं। अधिकतर रेस्क्यू कॉल्स यह दर्शाती हैं कि जागरूकता का प्रभाव बढ़ रहा है।

संस्था की अपील
वाइल्डलाइफ एसओएस ने लोगों से शांत रहने, सांप दिखने पर छेड़छाड़ न करने और तुरंत हेल्पलाइन को सूचना देने की अपील की है। संस्था स्कूलों और समुदायों में जागरूकता कार्यशालाएँ भी संचालित कर रही है ताकि मिथकों को तोड़ा जा सके और सांपों के साथ सुरक्षित सह-अस्तित्व को बढ़ावा मिल सके।

SP_Singh AURGURU Editor