ब्रज की भक्ति पर विश्व की दृष्टिः रमणरेती स्थित रसखान–ताज बीबी समाधि की अलौकिक आभा विदेशी पर्यटकों को कर रही मंत्रमुग्ध
मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाभूमि ब्रज में स्थित कृष्ण भक्त रसखान और ताज बीबी का समाधि स्थल अब केवल श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र नहीं रहा, बल्कि यह विदेशी पर्यटकों के लिए भी अंतरराष्ट्रीय आकर्षण के रूप में उभर चुका है। रमणरेती क्षेत्र में यमुना तट पर स्थित यह स्थल आज ब्रज की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और साहित्यिक विरासत का सजीव प्रतीक बन गया है। बढ़ती पर्यटक संख्या को देखते हुए यहाँ नई पार्किंग सुविधा भी विकसित की गई है।
गोकुल-महावन के बीच है समाधि
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा विकसित यह ऐतिहासिक परिसर गोकुल–महावन के मध्य रमणरेती में यमुना किनारे स्थित है। कभी उपेक्षित रहा यह स्थल अब समग्र जीर्णोद्धार के बाद सुंदर, सुव्यवस्थित और सुविधायुक्त सांस्कृतिक केंद्र का रूप ले चुका है। यहां रसखान और ताज बीबी की समाधियां देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं, शोधकर्ताओं और सैलानियों को आकर्षित कर रही हैं। विशेष रूप से रूस और अमेरिका से आने वाले पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है।
ओपन-एयर थिएटर में जीवंत होती ब्रज परंपरा
परिसर में विकसित ओपन-एयर थिएटर में नियमित रूप से भजन, संकीर्तन, लोक कला और धार्मिक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ होती हैं, जिससे ब्रज की परंपराएँ जीवंत बनी रहती हैं। दिन के समय प्राकृतिक सौंदर्य मन मोह लेता है, वहीं सायंकालीन फसाड लाइटिंग रात के अंधेरे में समाधि स्थल को अलौकिक आभा से भर देती है, मानो श्रीकृष्ण भक्ति, रस और प्रेम की अमर कथा स्वयं बोल उठी हो।
रसखान पर आधारित फिल्म का नियमित प्रदर्शन
रसखान समाधि स्थल पर स्मारक मित्र के रूप में जी.एल.ए. विश्वविद्यालय, मथुरा द्वारा स्वच्छता, संरक्षण, बागवानी, सौंदर्यीकरण और रखरखाव का कार्य निरंतर किया जा रहा है।
यहां स्थित लघु चलचित्र केंद्र में रसखान और ताज बीबी के जीवन, उनकी कृष्ण भक्ति और ब्रज साहित्य में योगदान पर आधारित फिल्म का नियमित प्रदर्शन होता है। इसका समय प्रातः 11:00–11:40, 12:00–12:40, दोपहर 2:00–2:40, 3:00–3:40, 4:00–4:40 बजे तक है जबकि सायं 7:00 से 9:00 बजे तक विशेष लाइटिंग स्थल की भव्यता को और बढ़ा देती है।
आधुनिक सुविधाएं, सहज दर्शन
श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा हेतु यहां पार्किंग स्थल, जलपान गृह, ओपन मंच और लघु चलचित्र केंद्र जैसी आधुनिक व्यवस्थाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। यह स्थल मथुरा से लगभग 12 किलोमीटर दूर स्थित है और आगरा–दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग से गोकुल अथवा महावन मार्ग द्वारा सहजता से पहुँचा जा सकता है।
भक्ति और समरसता का प्रतीक
भगवान श्रीकृष्ण के अनन्य भक्त रसखान और ताज बीबी, दोनों का जन्म मुस्लिम परिवार में हुआ था। वे ब्रज की उस महान परंपरा के प्रतीक हैं, जहां भक्ति, प्रेम और मानवीय समरसता सर्वोपरि रही है, सीमाओं से परे जाकर ईश्वर से जुड़ने का संदेश देती हुई।
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सूरज पटेल ने कहा कि रसखान और ताज बीबी समाधि स्थल ब्रज की उस सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, जहां भक्ति ने सीमाओं को तोड़कर मानवता और प्रेम का संदेश दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इच्छानुसार परिषद का लक्ष्य इस स्थल को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है। आधारभूत सुविधाओं, सौंदर्यीकरण और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। विदेशी पर्यटकों की बढ़ती संख्या हमारे प्रयासों की सफलता दर्शाती है।