"वाह ताज!" — 32 देशों के सेना प्रमुख हुए ताजमहल की खूबसूरती के मुरीद, बोले ‘इंडिया इज इनक्रेडिबल’
आगरा। दुनियाभर के सैन्य नेतृत्व का गौरवशाली संगम बुधवार को ताज नगरी आगरा में देखने को मिला। 32 देशों के सेना प्रमुख विशेष विमान से आगरा पहुंचे और विश्व धरोहर ताजमहल का दीदार किया। लगभग एक घंटे तक ताज की नायाब सुंदरता निहारने के बाद सभी सैन्य अधिकारियों ने एक स्वर में कहा — “वाह ताज!”
दुनियाभर के सैन्य नेतृत्व का गौरवशाली संगम बुधवार को ताज नगरी आगरा में देखने को मिला। 32 देशों के सेना प्रमुख विशेष विमान से आगरा पहुंचे और विश्व धरोहर ताजमहल का दीदार किया। लगभग एक घंटे तक ताज की नायाब सुंदरता निहारने के बाद सभी सैन्य अधिकारियों ने एक स्वर में कहा — “वाह ताज!”
सैन्य प्रमुखों ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ ताजमहल के सामने यादगार तस्वीरें खिंचवाईं। इस दौरान विदेशी अतिथियों ने भारतीय संस्कृति और मेहमाननवाजी की सराहना करते हुए कहा कि भारत की विरासत अद्वितीय है।
उनका स्वागत ताजमहल के वरिष्ठ संरक्षण सहायक प्रिंस वाजपेयी और सीआइएसएफ के सीनियर कमांडेंट वी.के. दुबे ने किया। आगरा पहुंचा यह उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल लगभग 250 सदस्यों का था, जिसमें विभिन्न देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और उनके परिजन शामिल रहे।
विदेशी मेहमान इस समय दिल्ली में आयोजित तीन दिवसीय ‘यूनाइटेड नेशंस ट्रूप कोंट्रीब्यूटर कॉन्फ्रेंस (UNTCC) और SCO समिट’ में भाग लेने भारत आए हैं। सम्मेलन का उद्घाटन रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने किया।
यह सम्मेलन 14 से 16 अक्टूबर तक चलेगा और इसमें 30 से अधिक देशों के वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व भाग ले रहे हैं। सम्मेलन का उद्देश्य वैश्विक शांति मिशनों में सहयोग बढ़ाना और स्वदेशी तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देना है, ताकि भविष्य के शांति अभियानों को और प्रभावी बनाया जा सके।
आगरा में विदेशी सेना प्रमुखों का यह दौरा न केवल भारत की सांस्कृतिक विरासत का सम्मान है, बल्कि विश्व समुदाय के बीच भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा और कूटनीतिक प्रभाव का भी प्रमाण है।