शिवामृत की रसधारा में भीगा यमुना तट: द्वादश ज्योतिर्लिंगों के जल कलशों का पूजन, सवा लाख पार्थिव शिवलिंग

आगरा। दयालबाग स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में सावन मास की आध्यात्मिक ऊर्जा चरम पर है। श्री शिव महापुराण कथा एवं महा रुद्राभिषेक महोत्सव के दूसरे दिन श्रद्धा, वैदिक अनुष्ठान और भक्ति की त्रिधारा बहती रही। मंदिर परिसर में महा रुद्राभिषेक, द्वादश ज्योतिर्लिंगों के पवित्र जल कलशों का पूजन तथा सवा लाख पार्थिव शिवलिंग निर्माण जैसे अनुष्ठान संपन्न हुए, जिनमें भक्तों ने एक अलौकिक अनुभूति को साक्षात किया।

Jul 12, 2025 - 17:36
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शिवामृत की रसधारा में भीगा यमुना तट: द्वादश ज्योतिर्लिंगों के जल कलशों का पूजन, सवा लाख पार्थिव शिवलिंग
श्री महाकालेश्वर मंदिर में द्वादश ज्योतिर्लिंगों के पवित्र जल कलशों का पूजन करते आचार्यगण एवं श्रद्धालु।

153 आचार्य, 153 श्रद्धालु जोड़े और दिव्य रुद्राभिषेक

प्रातः काल भगवान शिव का महा रुद्राभिषेक 153 आचार्यों और श्रद्धालु जोड़ों के वेदघोष के साथ आरंभ हुआ। वातावरण वैदिक मंत्रों से गुंजायमान हो उठा। इसी क्रम में द्वादश ज्योतिर्लिंगों- सोमनाथ, केदारनाथ, महाकालेश्वर, रामेश्वरम्, वैद्यनाथ, त्र्यंबकेश्वर, मल्लिकार्जुन, नागेश्वर, ओंकारेश्वर, घृष्णेश्वर, विश्वनाथ और भीमाशंकर से लाए गए पावन जल कलशों का विशेष पूजन सम्पन्न हुआ। हर कलश अपने तीर्थ की आभा समेटे श्रद्धा का केंद्र बना रहा।

पार्थिव शिवलिंग निर्माण का संकल्प: शिव नाम के जप के साथ लोक-अर्पण

इसके उपरांत पार्थिव शिवलिंग निर्माण का शुभारंभ हुआ, जिसमें मिट्टी से शिवलिंग बनाते हुए श्रद्धालुओं ने शिव नाम का जप किया और जल, बिल्व पत्र व पुष्प अर्पित किए। इस आयोजन का उद्देश्य सवा लाख शिवलिंगों का निर्माण कर शिवभावना को जन-जन तक पहुंचाना है। यह संकल्प ही महोत्सव को एक विशिष्ट आध्यात्मिक ऊंचाई प्रदान कर रहा है।

शिव महापुराण कथा: शिव केवल संहार नहीं, समर्पण हैं

सायंकाल कथा मंच पर कथा व्यास आचार्य मृदुलकांत शास्त्री ने दक्ष-यज्ञ प्रसंग और सती की आत्माहुति का वर्णन करते हुए कहा, शिव त्याग में तप हैं, प्रेम में परम हैं। वे संहार नहीं, समर्पण हैं। समाधिस्थ योगी भी जब भक्त पुकारे तो तांडव कर उतर आते हैं। भावविभोर वातावरण में कथा श्रोताओं को आध्यात्मिक ऊंचाई की अनुभूति होती रही।

श्रद्धा का केंद्र: रुद्राक्ष शिवलिंग और मानसरोवर झील की झांकी

मंदिर परिसर में स्थापित 11 फीट ऊंचा रुद्राक्ष शिवलिंग और मानसरोवर झील की सुंदर झांकी श्रद्धालुओं की आस्था के नए केंद्र बन चुके हैं। इनकी एक झलक पाने को भक्तों की लंबी कतारें लगी हैं, और मंदिर प्रांगण ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज रहा है।

आचार्य सुनील वशिष्ठ, पवन शर्मा, सुनील शर्मा, अजय पांडे, अरविंद द्विवेदी, शुभम द्विवेदी, रामचरण शर्मा, सरिता तिवारी, नीलू पांडे, रमेश शुक्ला, सुभाष गिरी सहित अनेक लोग आयोजन की व्यवस्था में तन-मन से जुटे हैं।

ये हैं आगामी मुख्य कार्यक्रम

हर दिन प्रातः महा रुद्राभिषेक,  जल कलश पूजन,  पार्थिव शिवलिंग निर्माण और सायंकाल शिव महापुराण कथा चलेगी। 14 जुलाई को शहर में भव्य शिव बरात निकाली जाएगी, जिसमें शिव तांडव, नृत्यमयी झांकियां, भजन मंडलियां और नासिक बैंड मुख्य आकर्षण होंगे।

SP_Singh AURGURU Editor