आगरा में यमुना खतरे के निशान से सवा फीट ऊपर, शहरी क्षेत्रों के साथ ही दर्जनों गांव जलमग्न
आगरा। दिल्ली के ओखला बैराज से बड़े पैमाने पर पानी छोड़े जाने (लगभग 2,00,000 क्यूसेक डिस्चार्ज) और गोकुल बैराज (मथुरा) से रविवार सुबह लगभग 1.5 लाख क्यूसेक पानी जारी होने के कारण यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। सुबह यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से तीन फ़ीट ऊपर 499.11 फीट दर्ज हुआ था। आगरा जल संस्थान पर आज अपराह्न 02:00 बजे मापा गया जलस्तर 152.405 मीटर था, जो लगभग 500.02 फीट के बराबर है।, यह खतरे के निशान से ऊपर जा चुका है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण अनुमान है कि रात तक यमुना 500.02 फीट के स्तर से भी ऊपर जा सकती है। इससे तटीय इलाकों में व्यापक प्रभाव पड़ने की आशंका है।
कैलाश गांव पूरी तरह जलमग्न, मंदिर का गर्भगृह डूबा
कैलाश गांव में लगभग 3 से 5 फीट पानी भर गया है। गांव के अधिकांश घर जलमग्न हो चुके हैं। कैलाश महादेव मंदिर के गर्भगृह में भी पानी भर चुका है। श्रद्धालु घुटनों तक पानी में खड़े होकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। बच्चे पानी में खेल रहे हैं। गांव की बिजली काट दी गई है ताकि किसी प्रकार की अनहोनी न हो सके।
कैलाश गांव से 20 परिवार पलायन कर चुके हैं। तमाम लोग प्रभावित क्षेत्रों से निकल चुके हैं और सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। कई परिवारों ने घरों पर ताला लटका दिया है। कुछ लोग छतों पर डेरा डाले हुए हैं।
ताजमहल से लेकर मेहतााब बाग तक: शहरी हिस्सों में पानी का प्रवेश
ताजमहल के पीछे एडीए पॉइंट और मेहताब बाग क्षेत्र में दो से तीन फीट तक पानी भर गया है। अन्य शहरी रिहायशी इलाके जैसे दयालबाग, अमर विहार, नगला बूढ़ी, मोतीमहल, कटरा वजीरखां, रामबाग बस्ती इत्यादि तक पानी पहुंच चुका है। बटेश्वरनाथ धाम भी यमुना जल में डूबने के कारण दर्शन रोकने पड़े हैं। यहां की मंदिर श्रृंखला तक भी पानी का प्रवेश हो चुका है।
यमुना में बाढ़ के तकनीकी संकेतक और स्तर
लो फ्लड लेवल: 495 फीट।
खतरे का निशान: 499 फीट।
हाई फ्लड लेवल: 507 फीट।
सदर तहसील के लो-मीडियम फ्लड लेवल पर प्रभावित ग्राम
सदर तहसील के तनौरा, नूरपुर, मेहरा नाहगंज, विसारना, कैलाश, स्वामी बाग, खासपुर, बल्केश्वर, अनुराग नगर, मनोहरपुर, नगला बूढ़ी, अमर विहार, दयालबाग, कृष्णा कॉलोनी, बुर्ज, नगला छीतर सिंह, मेहरा नाहरगंज, महल बादशाही, नगला तल्फी, नगला पैमा। आदि क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित हैं।
फतेहाबाद तहसील के प्रभावित गांव
भरापुर, बमरौली, ईदौन, मडायना, मेलीकलॉ, गुड़ा, मेवली खुर्द, हिमायूपुर, शाहिदपुर, वीरपुरा, बेहड़, पारौली सिकरवार, बिचौला, गिदरौन। इसके साथ ही एत्मादपुर तहसील के नगला धीमर, बढ़नुपरा, रहनकलां, नगला कटा आदि गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इन सभी ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ के कारण फसलें और बुनियादी सुविधाएं तबाह हो चुकी हैं।
फसलें, जीवन और रोज़गार पर असर
यमुना के किनारे के गांवों में खड़ी फ़सलें लगभग पूरी तरह बर्बाद मानी जा रही हैं। घरों में पानी भर जाने के कारण लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। पशुधन और उनके चारे भी ऊंचे स्थानों पर स्थानांतरित किए जा रहे हैं।
राहत कार्य और शरणालय
सदर तहसील में बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं। प्रा.वि. सरगनखेड़ा, आई.टी.आई. बल्केश्वर, कैलाश मन्दिर तथा अंबेडकर वाटिका (मोतीमहल) में ये शरणालय संचालित हैं। नगर व ग्रामीण इलाकों में टीमें तैनात की गई हैं। बचाव दल नावों व रेस्क्यू इकाइयों के साथ राहत पहुंचाने में जुटे हुए हैं।
प्रशासन की चेतावनी और अपील
अपर जलाधिकारी (वि./रा.) श्रीमती शुभांगी शुक्ला ने जन-जीवन को सुरक्षित रखने हेतु लोगों से अपील की है कि वे राशन कार्ड, पासबुक, आधार कार्ड वगैरह वाटर-प्रूफ बैग में अपने साथ रखें। सुखे अनाज व पशु चारा ऊंचे स्थान पर सुरक्षित रखें। गर्भवती महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग, दिव्यांग और बीमार व्यक्तियों को तुरंत बाढ़ शरणालय में भेजें। बिजली का मुख्य स्विच और गैस रेगुलेटर बंद रखें। नदी किनारे न जाएं। बच्चों को यमुना में न तैरने दें और पानी के गेम से रोकें। ज़रूरी वस्तुएं पैक करके नजदीकी शरणालयों में पहुंचें। प्रशासन ने आग्रह किया कि जोखिम वाले इलाकों में अकेले न रहें और अधिकारी/बचाव दल के निर्देश का पालन करें।