यमुना फिर उफान पर: खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा जलस्तर, आगरा में कई घाट डूबे, गांवों में अलर्ट
आगरा। आगरा में यमुना नदी का जलस्तर एक बार फिर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। रविवार को 496.1 फीट पर पहुंचा जलस्तर ताजमहल के पीछे पार्क, कैलाश घाट और बल्केश्वर घाट तक पानी पहुंच गया है। ओखला और गोकुल बैराज से छोड़े गए लाखों क्यूसेक पानी के चलते यमुना उफान पर है। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है और घाटों से लेकर निचले इलाकों में निगरानी तेज कर दी गई है।
लगातार बारिश के कारण दिल्ली के ओखला बैराज से 55 हजार क्यूसेक और मथुरा के गोकुल बैराज से 97 हजार क्यूसेक पानी रविवार को छोड़ा गया है। इससे पहले शनिवार को भी गोकुल बैराज से 90 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इससे यमुना एक बार फिर से उफान पर है। जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है।
लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए नगर निगम सक्रिय हो गया है। निगम ने सभी घाटों के आसपास कर्मियों को तैनात कर दिया है। 24 घंटे निगरानी कराई जा रही है। तहसील सदर क्षेत्र में यमुना नदी के लो फ्लड से प्रभावित होने वाले कैलाश, स्वामी बाग, नगला बूढी, अमर विहार दयालबाग, मोती महल, कटरा वजीर खां, रामबाग बस्ती, अप्सरा टाकीज, यमुना किनारा रोड वेदान्त मन्दिर से आगरा किला, ग्राम तनौरा, नूरपुर और तहसील फतेहाबाद में गांव भरापुर बमरौली, ईदौन, भडायना, भेवीकलों, गुडा मेवली खुर्द, हिमायूपुर आदि के प्रभावित होने की संभावना है।
यमुना में फिर से बढ़ते जलस्तर के चलते कैलाश मंदिर घाट की सीढ़ियां डूब गई हैं। यहां लोगों को घाट पर नदी की तरफ जाने से रोकने के लिए लगाई गई बैरीकेडिंग तक पहुंच गया है। इधर पोइया घाट किनारे तक पानी पहुंच गया है। बल्केश्वर स्थित पार्वती घाट भी डूब गया है। यहां स्थित काली भैरो मंदिर का प्लेटफार्म पूरी डूब चुका है। मंदिर की रेलिंग भी आधी से ज्यादा डूब गई है। हाथी घाट की सीढ़ियां भी डूब चुकी हैं।
बाढ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तहसील के राजस्व विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों सक्रिय कर दिया है। डीएम ने उन्हें भ्रमणशील रहते हुऐ बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम 24 घंटे संचालित है। जिसके नंबर 0562-2260550 एवं 09458095419 हैं।